जबलपुर : महिला समूहों की ऋण किश्तों में 25.63 लाख का गबन, छह फील्ड मैनेजरों पर केस
जबलपुर 11 अगस्त (हि.स.) सिहोरा स्थित इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड की शाखा में महिला समूहों से वसूली गई ऋण किश्तों और प्री-पेमेंट की रकम में लाखों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। कंपनी के छह संगम मैनेजरों (फील्ड अफसरों) पर करीब 25.63 लाख रुपए की राशि हड़पने का आरोप है। मामले में सोमवार देर रात सिहोरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को समूह ऋण उपलब्ध कराने के साथ उनकी ऋण किश्तों की वसूली का काम करती है। आरोपियों ने महिला हितग्राहियों का विश्वास हासिल कर नियमित किश्तों के साथ प्री-पेमेंट के नाम पर भी रकम एकत्र की थी।
मंगलवार को ब्रांच मैनेजर गोविंद रजक ने पुलिस को बताया कि शाखा में कार्यरत छह सह मैनेजरों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिला समूहों से वसूली गई ऋण किश्तों और समय से पहले ऋण बंद कराने के लिए जमा की गई प्री-पेमेंट राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की। आरोप है कि कर्मचारियों ने रकम का व्यक्तिगत उपयोग किया और बाद में फरार हो गए।
ब्रांच मैनेजर के अनुसार, गबन का पता चलने के बाद आरोपियों से संपर्क कर राशि वापस करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
कंपनी की आंतरिक जांच में अधिकारियों और ग्राहकों के बयान के साथ ऋण स्टेटमेंट समेत अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच में कर्मचारियों द्वारा कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नीयत से राशि जमा नहीं करने की बात सामने आयी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कृष्णकांत पांडे उर्फ कृष्णा पर सबसे अधिक 12,04,931 रुपए के गबन का आरोप है। वहीं सौरभ सेन परन 8,59,601 रुपए आकाश सिंह गोंड पर 4,01,039 रु, पवन कुशवाहा पर 38,000 रुपए और बृजेश सिंह पर 19,225 रुपए की राशि हड़पने का आरोप है।
छहों कर्मचारियों पर कुल 25 लाख 63 हजार 770 रुपए की राशि का गबन किए जाने का आरोप है। सिहोरा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

