रायपुर : बैंक खाते में लिंक मोबाइल नंबर बदलकर 14.97 लाख रुपये की धोखाधड़ी, डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार
रायपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजधानी रायपुर के थाना गंज पुलिस ने मंगलवार को बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक्सिस बैंक की देवेंद्र नगर शाखा, फाफाडीह के डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन (26वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपित मूल रूप से सतना का निवासी बताया गया है। मामले में पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, ई-मेल, मोबाइल ऐप की गतिविधियों, ट्रांजेक्शन और कैश विड्रॉल से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है।
पुलिस के अनुसार, थाना गंज में अपराध क्रमांक 246/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) में मामला दर्ज किया गया था। एक्सिस बैंक की ग्राहक सुषमा कुमार के खाते से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना कुल 14,97,451.32 रुपये ट्रांसफर एवं निकाले गए थे। बैंक की आंतरिक जांच के बाद वर्तमान शाखा प्रबंधक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि, आरोपितों ने ऐसे खाते को निशाना बनाया, जिसमें ज्यादा सक्रिय गतिविधियां नहीं होती थीं। बिलासपुर निवासी वरिष्ठ नागरिक सुषमा कुमार का खाता इसी आधार पर चुना गया।
पुलिस के मुताबिक, डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन ने खाते से संबंधित जानकारी अपने एक साथी के साथ साझा की, जो पूर्व में एक्सिस बैंक का कर्मचारी रह चुका है। उक्त पूर्व कर्मचारी ने सुषमा कुमार के नाम से कथित तौर पर फर्जी कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म तैयार कर बैंक की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा।
इस ई-मेल को बैंक के डिप्टी मैनेजर कुलदीप ने प्रोसेस किया और ग्राहक के खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदल दिया। इसके बाद आरोपितों ने मोबाइल ऐप के जरिए खाते की ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़ाई और योगेश येडे के खाते को बेनिफिशियरी के रूप में जोड़ दिया।
इसके बाद खाते में जमा एफडी को बंद कर रकम सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर की गई। पूरी राशि योगेश येडे के ‘इंडियन सेल्स’ नामक खाते में भेजी गई। बाद में पंडरी स्थित एक्सिस बैंक शाखा से सेल्फ चेक के माध्यम से दो बार में नकद राशि निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
पूर्व बैंक कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई-
पुलिस ने मामले में डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपित ने एक अन्य पूर्व एक्सिस बैंक कर्मचारी की भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी है। पुलिस अब बैंकिंग रिकॉर्ड, ई-मेल, मोबाइल ऐप की गतिविधियों, ट्रांजेक्शन और नकद निकासी से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका को लेकर आगे वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

