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सात लाख में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र बेचने वाला दलाल गिरफ्तार

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सात लाख में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र बेचने वाला दलाल गिरफ्तार


जयपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 लेवल-1 में फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने मुख्य दलाल ओमप्रकाश कस्वां (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपी चूरू जिले के सांडवा थाना क्षेत्र के जोगलसर गांव का निवासी है। आरोप है कि उसने 7 लाख रुपए लेकर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया था। फिलहाल एसओजी की टीम पूछताछ की जा रही है।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार मामले में पूर्व में गिरफ्तार बबिता जाखड़ निवासी सुजानगढ़ से पूछताछ में ओमप्रकाश की भूमिका सामने आई। बबिता ने शिक्षक भर्ती में दो प्रतिशत खेल कोटे का लाभ लेने के लिए ओमप्रकाश से 7 लाख रुपए में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र खरीदा था।

जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश ने 7 लाख रुपए में से 5 लाख रुपए अपने जीजा रामचन्द्र निवासी डेह, नागौर को दिए। आरोप है कि रामचन्द्र के माध्यम से विशाखापट्टनम में वर्ष 2017 में आयोजित 8वीं राष्ट्रीय सीनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप का फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कराया गया। इसकी फोटो प्रति कर्मचारी चयन बोर्ड और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में जमा कराई गई थी।

शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे से कुल 38 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। जांच में सामने आया कि ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद की ओर से बीकानेर शिक्षा निदेशालय को भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट फर्जी और कूटचरित ई-मेल आईडी के जरिए भेजी गई थी। इस मामले में एसओजी ने प्रकरण संख्या 98/2024 दर्ज किया था।

फर्जी ई-मेल से रिपोर्ट भेजने वाले बिमलेन्दु कुमार झा और उसके साथी कमल सिंह को एसओजी ने 7 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मार्च 2026 में अभियान चलाकर 21 अभ्यर्थियों, तीन सहयोगियों और तीन दलालों समेत 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ओमप्रकाश की गिरफ्तारी के बाद एसओजी अब उससे नेटवर्क में शामिल अन्य दलालों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश