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रुपये के लालच में युवक की हत्या कर शव के टुकड़े कर यमुना में फेंके, चार गिरफ्तार

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रुपये के लालच में युवक की हत्या कर शव के टुकड़े कर यमुना में फेंके, चार गिरफ्तार


नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने लापता व्यक्ति की गुमशुदगी की जांच करते हुए एक कत्ल का खुलासा किया है। दोस्ती की आड़ में रची गई साजिश में 48 वर्षीय कारोबारी की हत्या कर शव के टुकड़े कर यमुना में फेंक दिये। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपित फरार है।

द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने सोमवार को बताया कि 23 फरवरी को थाना द्वारका नॉर्थ में अनरूप गुप्ता (48) के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। वह सेक्टर-13 द्वारका में कैंटीन चलाते थे और 18 फरवरी से लापता थे। उनकी सफेद रंग की कार भी गायब थी। परिवार ने किसी दुश्मनी से इनकार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल की विशेष टीम गठित की गई।

जांच में सामने आया कि पीड़ित की कार 19-20 फरवरी की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर देखी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में कार वृंदावन की ओर जाती और कुछ घंटों बाद वापस लौटती दिखाई दी। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि 18 फरवरी को अनरूप गुप्ता बाइक बुक कर मटियाला एक्सटेंशन स्थित एक मकान पहुंचे थे। जहां उन्हें आखिरी बार प्रवेश करते देखा गया, लेकिन बाहर निकलते नहीं।

पार्टी के बहाने बुलाकर रची साजिश

मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपित हैप्पी उर्फ सूरज (29), जो हरियाणा के हांसी का रहने वाला है ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने करीब एक साल पहले कैंटीन में अनरूप से दोस्ती की थी। उसे पता था कि अनरूप सोने की कई अंगूठियां और कंगन पहनते हैं और परिवार से अलग रह रहे हैं। इसी लालच में उसने साथियों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और अपनी लिव-इन पार्टनर राखी के साथ मिलकर साजिश रची। 18 फरवरी को हैप्पी ने अनरूप को पार्टी के बहाने मटियाला स्थित अपने किराए के मकान पर बुलाया। वहां आरोपितों ने उन्हें बंधक बनाकर कार की चाबी छीनी और सोने के आभूषण लूट लिए। इसके बाद पैसों की मांग की गई। इनकार करने पर डंडों से पीटा और चाकू से गोदकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद हैप्पी ने एक बड़ा चाकू (मशेटे) लाकर शव के टुकड़े किए। टुकड़ों को तीन प्लास्टिक बैग में भरकर पीड़ित की कार से वृंदावन ले जाया गया और यमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल बंद नहीं किया और उसे कार में ही छोड़ दिया। इतना ही नहीं, मोबाइल से कैंटीन स्टाफ को मैसेज भेजकर कैंटीन बंद करने और परिवार को गोवा घूमने जाने की सूचना भी भेजी। मामले की जानकारी उप्र पुलिस से साझा की गई। थाना जमुना पार थाना मथुरा क्षेत्र में संयुक्त प्रयास से 28 फरवरी को यमुना नदी से तीनों प्लास्टिक बैग बरामद किए गए। पुलिस ने हैप्पी, भूपेंद्र, बलराम और राखी को गिरफ्तार कर लिया है। नीरज की तलाश जारी है। आरोपितों के खिलाफ थाना बिंदापुर थाना में हत्या और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी