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छत्तीसगढ़ : चार फरार हेरोइन तस्कर पंजाब से गिरफ्तार, 1१.82 ग्राम हेरोइन, कारतूस व पिस्टल जब्त

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छत्तीसगढ़ : चार फरार हेरोइन तस्कर पंजाब से गिरफ्तार, 1१.82 ग्राम हेरोइन, कारतूस व पिस्टल जब्त


रायपुर, 21 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में हेरोइन तस्करी के मामले में चार आरोपितों को रायपुर पुलिस ने पंजाब से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों के कब्जे से 11.82 ग्राम हेरोइन, एक जिंदा कारतूस और एक पिस्टल, चार मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपितों में कवलजीत सिंह पन्नू निवासी तरणताल पंजाब, तरसेम सिंह उर्फ साजन निवासी मोगा पंजाब, विक्की सिंग निवासी मोगा पंजाब, जनक राज निवासी फिरोजपुर पंजाब है।

आरोपितों के खिलाफ रायपुर के आजाद चौक, कबीर नगर और आमानाका थाने में हेरोइन तस्करी का मामला दर्ज था। पकड़े गए आरोपित पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते रायपुर में हेरोइन बिक्री और तस्करी करते थे। आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

आजाद चौक के एसीपी इशू अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि, रायपुर पुलिस की टीम ने पंजाब के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की है, यहां से कुल चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने एक बरेटा गन और जिंदा कारतूस , लगभग 12 ग्राम हेरोइन भी जब्त किया गया है, पहले के केसों में पुलिस ने 550 ग्राम हेरोइन खपाने का खुलासा किया था। पकड़े गए चार आरोपितों में से दो आरोपित छत्तीसगढ़ पहले कभी नहीं आए थे। आरोपित कुरियर के माध्यम से हेरोइन पैडलिंग का काम करते थे। मुख्य आरोपित कमलजीत यहां का रहवासी भी रहा है, पहले जो पिंगल गिरोह पकड़ाया था। इसका वह मुख्य सप्लायर था। वह पहले भी यहां पर ड्रग सप्लाई कर चुका है। चौथा आरोपित जनक राज ट्रक ट्रांसपोर्टर के माध्यम से पंजाब से हेरोइन यहां पर लाता था। पहले पकड़े गए पैडलर्स के इनपुट पर इन चार आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है।

आरोपित कवलजीत सिंह पन्नू : यह आरोपित पूर्व में भी इसी प्रकार के अपराधों में शामिल रहा है। कई बार रायपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भी जा चुका है। इसके साथ ही पंजाब में भी आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में जेल जा चुका है। वर्तमान में रायपुर के थाने में एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से अवैध बरेटा पिस्टल और जिंदा कारतूस मिला है।

आरोपित तरसेम सिंह उर्फ साजन और विक्की सिंह: कुरियर के माध्यम से दोनों आरोपित हेरोइन की तस्करी करते थे. स्वयं हेरोइन लेकर नहीं चलते थे, बल्कि पंजाब से रायपुर तक हेरोइन की आपूर्ति कुरियर सेवाओं के माध्यम से करते थे। हेरोइन को सामान्य पार्सल में इस प्रकार छुपाया जाता था कि सामान्य जांच में वह पकड़ में न आए। इस तरीके से आरोपित स्वयं को परिवहन श्रृंखला से अलग रखते थे, जिससे प्रत्यक्ष पकड़े जाने का जोखिम कम होता था। रायपुर में स्थानीय वितरक पार्सल प्राप्त कर अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाते थे।

आरोपित जनक राज: माल वाहक ट्रक ड्राइवरों के माध्यम से हेरोइन तस्करी करता था। यह हेरोइन की आपूर्ति के लिए उन ट्रक चालकों का उपयोग करता था जो व्यापारिक माल की ढुलाई के लिए नियमित रूप से पंजाब से छत्तीसगढ़ आते-जाते थे, जिससे यह तस्करी लंबे समय तक चल सके और जांच एजेंसियों की नजर से बचे रहें। रायपुर पहुंचने पर स्थानीय संपर्क सूत्रों के माध्यम से हेरोइन उतारकर इसे ड्रग्स बांटने वालों तक पहुंचाया जाता था।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर