पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या मामले में 35 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
भरतपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना (68) की रविवार शाम भौंडा गांव में कथित हमले के बाद मौत हो गई। वह अपने क्रेशर खनन लीज क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों के साथ विवाद के दौरान लाठी-पत्थरों से हमला करने का आरोप है। घटना में उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचने से पहले भड़ाना ने दम तोड़ दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन उनका शव लेकर हरियाणा के फरीदाबाद जिले स्थित पैतृक गांव पाली रवाना हो गए। इस मामले में परिजनों की ओर से 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया है।
भड़ाना की पत्नी कमलेश के अनुसार, वह रविवार शाम करीब 6:30 बजे क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान 70 से 80 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, क्रेशर क्षेत्र में ग्रामीणों और लीज संचालक के बीच मारपीट हुई थी। भड़ाना को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया।
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार क्रेशर को लेकर ग्रामीणों और संचालक के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था।
ग्रामीणों का आरोप था कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण और अवैध खनन किया जा रहा है। लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर भी विवाद था। ग्रामीण पिछले करीब दो साल से बीच-बीच में धरना दे रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर बंद था और भड़ाना उसे दोबारा शुरू कराने का प्रयास कर रहे थे। रविवार को इसी सिलसिले में उनके वहां पहुंचने के बाद विवाद बढ़ गया।
नदबई थाना अधिकारी अरुण चौधरी ने बताया कि परिजनों की ओर से 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, भड़ाना के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें थीं। पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि मामले में टीमें गठित की गई हैं और कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में गोलीबारी की पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल को सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम से जांच कराई जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल सहित कई नेताओं ने घटना पर चिंता जताई और पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। गहलोत ने कहा कि विवाद लंबे समय से चल रहा था, ऐसे में समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जूली ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस महानिरीक्षक प्रीति चंद्रा भी वैर थाने पहुंचीं और वहां से घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

