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बांदा में 72 घंटे बाद भी पूर्व मंत्री की पत्नी के शव का पोस्टमार्टम नहीं, दारोगा-सिपाही निलंबित

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बांदा में 72 घंटे बाद भी पूर्व मंत्री की पत्नी के शव का पोस्टमार्टम नहीं, दारोगा-सिपाही निलंबित


-दो मासूम भाइयों की हत्या की जांच एसआईटी के हवाले

बांदा, 06 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नरैनी के नंदवारा गांव में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और पूर्व मंत्री डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी वर्मा की मौत और दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के मामलों ने पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य की मौत के 72 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। वहीं, दो मासूम भाइयों की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी पलाश बंसल ने सात सदस्यीय टीम की एसआईटी गठित कर दी है। उन्हाेंने नरैनी थाने के बीट दारोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया।

एसपी ने बताया कि नंदवारा गांव निवासी 80 वर्षीय पूर्व जिला पंचायत सदस्य और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी वर्मा की तीन दिन पहले अचानक मौत हो गई थी। मृतका के पुत्र और सपा नेता महेंद्र पाल वर्मा ने आरोप लगाया था कि जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के भाई शिवचरण कुशवाहा और मेरी चचेरी बहन शालिनी सिंह के धमकाने से मां की मौत हुई। सोमवार को गांव में हंगामे के बाद पुलिस के समझाने पर परिजन शव के पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए थे। पुलिस ने सोमवार रात शव को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी के फ्रीजर में रखवा दिया था।

मंगलवार सुबह नरैनी कोतवाल भाष्कर मिश्रा पुलिस बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों का इंतजार करते रहे। शाम पांच बजे तक कोई परिजन वहां नहीं पहुंचा। पुलिस के अनुसार, मृतका के नाती को 50 से अधिक बार फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में मोबाइल बंद कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि परिजन लखनऊ गए हैं। परिजनों के नहीं पहुंचने से पंचनामा की कार्रवाई नहीं हो सकी और इसी कारण पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जा सका। पुलिस के मुताबिक शव के डी-कंपोज होने की स्थिति में पहुंचने की आशंका है।

उधर, इसी गांव के कैमहाई पुरवा में 30 सितंबर को छह वर्षीय मनोज और उसके चार वर्षीय छोटे भाई युवराज की हत्या का मामला भी गंभीर होता जा रहा है। दोनों भाई घर के बाहर खेलते समय लापता हुए थे। बाद में घर से करीब 70 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे से दोनों के शव बरामद हुए थे। शुरुआती तौर पर पुलिस पानी में डूबने की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की पुष्टि हुई।

मृत बच्चों के पिता की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने एक ही परिवार के पांच आरोपिताें को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार आरोपित अभी फरार हैं। मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस को पानी से भरा गड्ढा तक खाली कराना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी पलाश बंसल ने सीओ सिटी सौरभ के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी गठित की है। टीम में सीओ नरैनी, नरैनी इंस्पेक्टर क्राइम अर्जुन सिंह, गिरवां और तिंदवारी थाना प्रभारी, बदौसा थानाध्यक्ष, एसओजी प्रभारी आनंद तथा सर्विलांस प्रभारी राजेश को शामिल किया गया है। एसआईटी हत्या के कारण, घटनाक्रम और फरार आरोपिताें की भूमिका की जांच करेगी।

इस बीच इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर बीट दारोगा राजेश कुमार व सिपाही अनुज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। विवेचना भी नरैनी थाने से छीनकर गिरवा थाने के प्रभारी सुरेश चंद्र सैनी को सौंपी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह