home page

अंबिकापुर : साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खाते बेचने वाला एक और आरोपित गिरफ्तार

 | 
अंबिकापुर : साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खाते बेचने वाला एक और आरोपित गिरफ्तार


अंबिकापुर, 04 जून (हि.स.)। सरगुजा पुलिस ने साइबर अपराधियों को वित्तीय मदद पहुंचाने वाले 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी बैंक खातों) के खिलाफ अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी रखी है। डीआईजी और एसएसपी राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गांधीनगर थाना पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस फर्जी सिम कार्ड धारकों, पीओएस और संदिग्ध बैंक खातों की लगातार तस्दीक कर रही है, जिसके बाद यह सफलता हाथ लगी है।

यह पूरा मामला इसी साल 19 मार्च को उजागर हुआ था, जब पुलिस को मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, अंबिकापुर के बनारस रोड स्थित एसबीआई बैंक शाखा के ऊपर, दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा लेकर राहुल गुप्ता नाम का युवक अवैध गतिविधियां चला रहा था। राहुल स्थानीय नवयुवकों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर नई सिम खरीदवाता था और फिर उन्हीं नंबरों के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। इसके बाद वह इन खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड सिम को साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए मोटी रकम में बेच देता था। इस खुलासे के बाद गांधीनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार राहुल गुप्ता सहित कुल 10 आरोपितों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। मामले की विवेचना के दौरान मुख्य आरोपित राहुल के पास से कई संदिग्ध पासबुक बरामद हुई थीं। इनमें डिगमा निवासी 25 वर्षीय नीरज गुप्ता के नाम पर जारी एसबीआई, सेंट्रल बैंक और यूको बैंक की पासबुक भी शामिल थीं। जब पुलिस ने इन खातों के लेन-देन (ट्रांजैक्शन) की जांच की, तो बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम का ट्रांसफर होना पाया गया।

संदेह के आधार पर पुलिस ने खाताधारक नीरज गुप्ता को तलब कर कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में नीरज ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने महज 3,000 रुपये प्रति खाते के लालच में आकर अपने तीन बैंक खाते और अपने भाई पंकज का एक खाता इस रैकेट के सदस्य विकास किर्तनिया को बेच दिया था। अपराध में संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने नीरज गुप्ता को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

इस पूरी प्रभावी कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, विकास सिंह और रिषभ सिंह की मुख्य भूमिका रही।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह