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विवाद के बाद फायरिंग में एक ही परिवार के पाँच घायल

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विवाद के बाद फायरिंग में एक ही परिवार के पाँच घायल


सुलतानपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के बघौली गांव में गुरुवार रात दावत का न्योता देने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दबंगों ने एक ही परिवार के पांच लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत नाजुक देखते हुए उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि बीती रात बघौली गांव निवासी समरजीत यादव की पत्नी की तेरहवीं का कार्यक्रम था। समरजीत की पुत्री प्रीति यादव अपने पट्टीदारों त्रिवेणी यादव और राजेश यादव के घर निमंत्रण देने गई थी। वहां किसी बात को लेकर राजेश यादव ने प्रीति के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और राजेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर समरजीत के परिवार पर फायरिंग कर दी।

फायरिंग के दौरान चली गोलियों के छर्रों से समरजीत यादव के परिवार के 5 सदस्य लहूलुहान होकर गिर पड़े।घायलो मे संतोष पुत्र राज नरायन निवासी खंडासा, प्रीति यादव पुत्री सभाजीत, दिलीप पुत्र सभाजीत और दिव्यांश पुत्र देवेंद्र कुमार निवासी गण बिघौली व योगेंद्र यादव कुमारगंज अयोध्या घायल हुए हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घायलों में दिलीप यादव को शरीर में काफी छर्रे लगे हैं, जिसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपितो की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं।

घायल संतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास .315 बोर के असलहे और अन्य असलहे मौजूद थे। उसने बताया हम लोग शादी से खाना खाकर लौटकर दरवाज़े पर खड़े थे। तभी त्रिवेणी, संगम और राजेश असलहों के साथ वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने बताया आरोपितो के साथ उसका कोई पुराना विवाद नहीं था। वे आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। संतोष ने यह भी बताया कि शाम के समय दो पुलिसकर्मी वहां आए थे। पुलिसकर्मियों ने जब उनसे पूछा कि वे कौन हैं, तो उन्होंने बताया कि वे रिश्तेदार हैं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से घर जाने या कार्यक्रम में जाने को कह दिया। रात करीब 9 बजे के बाद, जब वे खाना खा चुके थे, तभी आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त