मजदूरों की बदली जिंदगी ने खोला हवेली के खजाने का राज:66.4 किलो चांदी के साथ पांच गिरफ्तार
जयपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। विद्याधर का रास्ता स्थित पुरानी हवेली को तोड़ते समय मिले गुप्त खजाने को मालिक से छिपाकर खुर्द-बुर्द करने के मामले का माणक चौक थाना पुलिस ने करीब 10 माह बाद खुलासा किया है। पुलिस और डीएसटी नॉर्थ की संयुक्त टीम ने ठेकेदार समेत पांच आरोपिताें को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 66 किलो 400 ग्राम चांदी की दो सिल्लियां बरामद की हैं। बरामद चांदी की अनुमानित कीमत करीब पौने दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपियों ने चांदी को जामडोली के पास जंगल में मिट्टी में दबाकर छिपा रखा था। पुलिस अब सोने के सिक्कों और अन्य चांदी के सिक्कों की तलाश में जुटी है।
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि विद्याधर का रास्ता, त्रिपोलिया बाजार स्थित भवन संख्या-630 के मालिक राहुल सेठी ने पुरानी हवेली को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए एक फर्म से एग्रीमेंट किया था। भवन की तुड़ाई का ठेका महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू खटीक को दिया गया था। मालिक ने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि तुड़ाई या खुदाई के दौरान कोई पुरानी धातु, सिक्के या अन्य कीमती सामान मिले तो उसे तत्काल सौंपा जाए।
पुलिस के अनुसार हवेली तोड़ने के दौरान ठेकेदार और उसके साथियों को बड़ी मात्रा में पुरानी चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्के और पुराने चांदी के सिक्के मिले। परिवादी ने 15 जुलाई 2026 को माणक चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में करीब 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, प्रत्येक का वजन लगभग 40 से 45 किलो, 14 से 15 सोने के सिक्के/स्वर्ण मुद्राएं और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के समेत अन्य कीमती सामान मिलने और उसे खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया।
पुलिस के सामने इस मामले का खुलासा करना आसान नहीं था। घटना के करीब 10 महीने बाद शिकायत दर्ज हुई। इस दौरान पुरानी हवेली पूरी तरह जमींदोज होकर वहां नए भवन का निर्माण शुरू हो चुका था। मौके पर न तो तत्कालीन स्थिति के भौतिक साक्ष्य उपलब्ध थे और न ही सीसीटीवी फुटेज। ऐसे में पुलिस ने नामजद आरोपियों की गतिविधियों और दावों की पुष्टि के लिए विशेष टीम गठित की।
पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र को जोड़ा। आरोपिताें के मोबाइल की सीडीआर, जयपुर और आसपास की आवाजाही तथा आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि पहले सामान्य मजदूरी और छोटे-मोटे ठेके के काम से जीवन यापन करने वाले आरोपियों की घटना के बाद जीवनशैली अचानक बदल गई थी। उनके खर्च और गतिविधियां उनकी पूर्व आर्थिक स्थिति से मेल नहीं खा रही थीं। मुख्य आरोपित द्वारा महंगी जेसीबी और ट्रैक्टर खरीदने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई है। इन संपत्तियों की खरीद के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने महेश मल्होत्रा, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खींची, अनुज अरोड़ा और रजनी मल्होत्रा को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर जामडोली के पास जंगल में मिट्टी में दबाकर रखी गई चांदी की दो बड़ी सिल्लियां बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने चांदी को तत्काल बेचने के बजाय मामला शांत होने के बाद इसे बाजार में खपाने की योजना बनाई थी। चांदी दबाने वाली जगह की पहचान के लिए लकड़ी का निशान भी लगाया गया था।
पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। क्रॉस क्वेश्चनिंग के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हवेली से मिले सोने के सिक्के और हजारों पुराने चांदी के सिक्के कहां हैं। साथ ही महेश उर्फ छोटू खटीक द्वारा परकोटा क्षेत्र में पहले कराई गई अन्य हवेलियों की तुड़ाई और वहां मिले सामान की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को मामले में और बरामदगी की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

