रोहड़ू फायरिंग मामला : महिला की मौत पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
शिमला, 28 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में धार्मिक समारोह के दौरान हुई फायरिंग में महिला की मौत के मामले में अब जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस घटना की विस्तृत जांच के लिए निर्देश जारी किए हैं और कहा है कि जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपनी होगी।
जिला प्रशासन के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत यह जांच करवाई जा रही है। इसके लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष, विस्तृत और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
प्रशासन ने कहा है कि जांच के दौरान घटना तक पहुंचने वाली पूरी घटनाक्रम की कड़ी को समझा जाएगा, मृतका की मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी और इसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही आयोजनकर्ताओं की भूमिका, किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक, और आर्म्स एक्ट 1959 के उल्लंघन की संभावना की भी जांच होगी। जांच अधिकारी को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए सिफारिश करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दरअसल, यह मामला रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव क्षेत्र के कुलगांव गांव से जुड़ा है, जहां रविवार देर रात देव प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हवाई फायरिंग की घटना हुई थी। जश्न के बीच चली गोली 26 वर्षीय रितिका निवासी आंध्रा रोहडू को जा लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। वह समारोह में शामिल होने आई थीं। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों रजत सोहटा (28) और अमित उर्फ रोहित भापटा (32) निवासी रोहडू को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद करने की बात कही है और मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

