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चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए पिता ने 8 माह की बेटी की हत्या की, फिर दर्ज कराया झूठा मुकदमा

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चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए पिता ने 8 माह की बेटी की हत्या की, फिर दर्ज कराया झूठा मुकदमा


करौली, 01 नवंबर (हि.स.)। चचेरे भाइयों को हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए एक पिता ने अपनी ही आठ माह की मासूम बेटी की जान ले ली। इसके बाद उसने थाने पहुंचकर चचेरे भाइयों और उनकी पत्नियों पर मारपीट करने तथा बेटी की हत्या करने का आरोप लगा दिया। हालांकि, पुलिस की जांच में पिता की कहानी संदिग्ध नजर आई। पूछताछ में आरोपी ने अपनी बेटी की हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने रविवार को उसे गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

दिल दहला देने वाली यह घटना 28 अक्टूबर को करौली जिले के हिंडौन स्थित नई मंडी थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, खेड़े का पुरा निवासी रामदेव जाटव ने अपनी आठ माह की बेटी ऋषिका की हत्या के बाद चचेरे भाइयों को फंसाने की साजिश रची थी। नई मंडी थाना प्रभारी नरेश पोसवाल के अनुसार रामदेव ने 28 अक्टूबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि उसके चाचा के बेटे समरवीर, हीरालाल, दीनदयाल और श्रीराम अपनी पत्नियों के साथ घर पहुंचे और परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

रामदेव ने दावा किया कि इसी दौरान समरवीर ने उसकी बेटी ऋषिका के सिर पर लाठी से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

परिजन बच्ची को हिंडौन सिटी के राजकीय जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस जांच के दौरान रामदेव की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने 31 अक्टूबर को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बेटी की हत्या करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार रामदेव का अपने पड़ोस में रहने वाले चचेरे भाइयों से अक्सर विवाद होता रहता था। 28 अक्टूबर की सुबह भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। उस समय आठ माह की ऋषिका रामदेव की गोद में थी। आरोप है कि गुस्से में उसने मासूम को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने चचेरे भाइयों को फंसाने के इरादे से उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी।

जांच में यह भी सामने आया कि 27 अक्टूबर की रात रामदेव का अपनी पत्नी रेशमा से झगड़ा हुआ था।

कहासुनी के बाद रेशमा रेलवे फाटक की ओर चली गई थी। इसके बाद चचेरे भाइयों के पक्ष के दो-तीन लोग उसे समझाकर घर वापस ले आए और दंपती को आपस में विवाद नहीं करने की सलाह दी। इसी बात को लेकर रामदेव उनसे नाराज हो गया था। अगले दिन इसी विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया।

घटना के समय रामदेव की पत्नी रेशमा अपने दो वर्षीय बेटे के साथ घर के अंदर थी। रामदेव मकान निर्माण में मार्बल फिटिंग का काम करने के साथ मजदूरी भी करता है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित