एक हफ्ते से लापता पिता-पुत्री का नहीं मिला सुराग, सर्च अभियान जारी
शिमला, 20 सितंबर (हि.स.)। एक पिकअप गाड़ी सड़क किनारे खड़ी मिली, अंदर जरूरी दस्तावेज और चाबियां थीं, लेकिन उसमें सवार पिता-पुत्री का कोई पता नहीं चला। शिमला जिले के सुन्नी क्षेत्र से लापता हुए कुलदीप और उसकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा को एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस तलाश नहीं पाई है। पुलिस ने ओगली, सुन्नी और तत्तापानी के आसपास सर्च अभियान चलाया और सतलुज नदी के किनारे भी संभावित स्थानों को खंगाला, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।
कुलदीप और स्नेहा 12 सितंबर की शाम पिकअप में घर से निकले थे। रात करीब डेढ़ बजे कुलदीप ने पत्नी सुनीता से फोन पर बात कर पन्दोआ पहुंचने की जानकारी दी थी। उसने कुछ समय में घर पहुंचने और नाश्ता तैयार रखने की बात कही थी। करीब दस मिनट बाद सुनीता ने फोन किया तो कुलदीप का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद से उसका फोन लगातार स्विच ऑफ है। स्नेहा अपना मोबाइल घर पर ही छोड़कर गई थी। अगले दिन तलाश के दौरान पिकअप ओगली गांव के पास सड़क किनारे खड़ी मिली थी।
पुलिस की जांच में पिकअप का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा मिला। गाड़ी में कुलदीप की चाबियों का गुच्छा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और स्वेटर पड़े थे। स्नेहा का हुड भी पिकअप की पिछली सीट के अंदर मिला था। ओगली पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने के बाद कुछ लोगों ने पिकअप को करीब एक किलोमीटर पीछे तलाह गांव के पास देखा था। इसके कुछ समय बाद यही गाड़ी सतलुज नदी के किनारे सड़क पर खड़ी मिली। परिजनों की शिकायत पर सुन्नी थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों, आधार संबंधी जानकारी और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस का सर्च अभियान जारी है और दोनों की तलाश के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

