फर्जी खेल प्रमाण पत्र मामला : एसओजी के हत्थे चढ़ा शिक्षा विभाग का यूडीसी
जयपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी डिग्रियों के बाद अब 'फर्जी खेल प्रमाण पत्र' का बड़ा खेल सामने आया है। जहां स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 में फर्जी ताईक्वाण्डो सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने की कोशिश करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शिक्षा विभाग के एक यूडीसी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने न केवल प्रमाण पत्र बेचे, बल्कि उनके सत्यापन के लिए फर्जी ईमेल आईडी तक बना डाली। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती में खेल कोटे के तहत कई अभ्यर्थियों ने ताईक्वाण्डो के नेशनल लेवल सर्टिफिकेट पेश किए थे। जांच में सामने आया कि ताईक्वाण्डो फेडरेशन ऑफ इण्डिया की मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर निदेशालय बीकानेर को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी। इसी मामले में एसओजी ने प्रकरण संख्या 98/2024 दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसओजी ने इस मामले में जगदीश सारण (39) पुत्र गोपीराम जाट को गिरफ्तार किया है, जो वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, धोद (सीकर) में यूडीसी के पद पर तैनात है। पूछताछ में सामने आया कि जगदीश ने करीब 3 साल पहले बीकानेर में एक शादी समारोह के दौरान योगेंद्र कुमार नामक व्यक्ति से मुलाकात की थी। उसने ₹2.30 लाख में ताईक्वाण्डो का नेशनल सर्टिफिकेट दिलवाने का सौदा किया। आरोपित जगदीश ने अपने रिश्तेदार रामचन्द्र पीटीआई (निवासी डेह, नागौर) के जरिए यह फर्जी प्रमाण पत्र मंगवाकर दिया था।
आरोपी जगदीश सारण पहले से ही शारीरिक शिक्षक भर्ती-2022 ( पीटीआई) में फर्जी बी.पी.एड. डिग्री मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था। एसओजी ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर प्राप्त कर इस नए मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है। आरोपी के भाई मुकेश सारण को भी फर्जी डिग्री मामले में पहले ही जेल भेजा जा चुका है। जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि फरार चल रहे रामचन्द्र पीटीआई ने जगदीश के माध्यम से अन्य कई अभ्यर्थियों—मुमताज, ज्योतिरादित्य, मांगीलाल, बबीता जाखड़ और ममता कुमारी को भी फर्जी खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए थे। एसओजी की टीम अब फरार पीटीआई और इस गिरोह के अन्य नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

