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सागर में नकली बीज कारोबार का खुलासा, अन्नपूर्णा ब्रांड के नाम पर हो रही थी पैकिंग, संचालक पर एफआईआर दर्ज

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सागर में नकली बीज कारोबार का खुलासा, अन्नपूर्णा ब्रांड के नाम पर हो रही थी पैकिंग, संचालक पर एफआईआर दर्ज


सागर, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में किसानों को ठगने वाले नकली और अवैध बीज कारोबार के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जरूआखेड़ा क्षेत्र में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से सोयाबीन बीज की पैकिंग और भंडारण का मामला पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में बीज, पैकिंग सामग्री और फर्जी ब्रांड की बोरियां बरामद की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि जरूआखेड़ा स्थित आलोक ट्रेडर्स के गोदाम में अवैध तरीके से सोयाबीन बीज का भंडारण और री-पैकिंग की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने गोदाम पर दबिश दी, जहां मौके पर पैकिंग मशीनों के जरिए बीज को नई बोरियों में भरा जा रहा था।

जांच के दौरान टीम को मशीन से सील किए गए 40-40 किलो वजन के 29 बैग मिले, जिन पर 'अन्नपूर्णा ब्रांड दाल मिल, ललितपुर' अंकित था। इसके अलावा इसी ब्रांड के नाम की 116 खाली बोरियां भी बरामद हुईं। वहीं करीब 50-50 किलो वजन के 100 जूट के बोरों में कच्चा सोयाबीन बीज रखा मिला, जिसे पैकिंग के लिए तैयार किया जा रहा था।

पुराने ब्रांड का किया जा रहा था दुरुपयोग

मामले की जांच के दौरान सामने आया कि जब्त की गई बोरियों पर दर्ज मोबाइल नंबर ललितपुर निवासी अमित जैन का था। पूछताछ में अमित जैन ने बताया कि उनकी अन्नपूर्णा दाल मिल करीब पांच साल पहले बंद हो चुकी है, इसके बावजूद आलोक ट्रेडर्स द्वारा उनकी फर्म के नाम और मोबाइल नंबर का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कृषि विभाग की टीम ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और बीज गुण नियंत्रण आदेश के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। किसानों के साथ धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए आलोक ट्रेडर्स के संचालक आलोक जैन के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

कार्रवाई में परियोजना संचालक (आत्मा) एमके प्रजापति, अनुविभागीय कृषि अधिकारी अनिल राय, सहायक संचालक कृषि अंकित रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए नकली खाद और बीज के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे