प्रशासनिक अधिकारी बनकर वसूली करने वाले चार शातिर अपराधी गिरफ्तार
बांदा, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शहर कोतवाली पुलिस ने सरकारी और प्रशासनिक अधिकारी बनकर वाहन चालकों से रंगदारी और अवैध वसूली करने वाले चार शातिर अपराधियाें काे गिरफ्तार किया है। इनके पास से अवैध वसूली में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन, 5400 रुपये नकद, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, विभिन्न फर्जी दस्तावेजों से भरी एक फाइल समेत अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस गिरोह के आपराधिक नेटवर्क और अन्य जिलों में की गई वारदातों की भी जांच कर रही है।
सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री मेविस टॉक ने बताया कि शुक्रवार को थाना कोतवाली नगर पुलिस क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ई-रिक्शा चालक ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग एक चार पहिया वाहन में बैठकर स्वयं को आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बताकर ई-रिक्शा चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मवई बाईपास पर घेराबंदी कर चारों आरोपिताें को दबोच लिया। पुलिस ने गिरफ्तार
आरोपिताें की पहचान मध्य प्रदेश निवासी साैरभ, चित्रकूट का कमल, राज कुमार, और संताेष कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग जनपदों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ट्रक, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों को सुनसान अथवा कम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रोकते थे। इसके बाद वाहन चालकों की फोटो खींचकर चालान, वाहन सीज करने अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे रुपये वसूलते थे। वसूली गई रकम को सभी आरोपित आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे।
सहायक पुलिस अधीक्षक का कहना है कि गिरोह के सदस्यों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने किन-किन जनपदों में इसी तरह फर्जी अधिकारी बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

