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दिल्ली-महाराष्ट्र में फैले नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, मुंबई से बरामद हुई फर्जी नोट छापने की फैक्ट्री

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दिल्ली-महाराष्ट्र में फैले नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, मुंबई से बरामद हुई फर्जी नोट छापने की फैक्ट्री


नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 299 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनमें 286 नोट 100 रुपये और 13 नोट 500 रुपये के हैं। इसके अलावा छह 500 रुपये के नकली सैंपल नोट भी मिले हैं। जांच के दौरान मुंबई के नवी मुंबई स्थित एक ठिकाने से फर्जी नोट छापने की पूरी प्रिंटिंग यूनिट का भी खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह महाराष्ट्र से नकली नोट तैयार कर दिल्ली में खपाने का काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा 29 जून को भलस्वा डेयरी इलाके में हुआ। यहां एक जनरल स्टोर संचालक पंकज ने पुलिस को सूचना दी कि देर रात एक ग्राहक पांच सिगरेट के पैकेट खरीदने आया और भुगतान के लिए 100-100 रुपये के छह नोट दिए। नोटों की बनावट और कागज पर शक होने पर दुकानदार ने सूझबूझ दिखाते हुए इलाके में गश्त कर रहे बीट अधिकारी हेड कांस्टेबल प्रतीक को सूचना दे दी।

हेड कांस्टेबल प्रतीक तुरंत मौके पर पहुंचे और नोटों की जांच करने पर उन्हें नकली पाया। उन्होंने बिना समय गंवाए संदिग्ध को हिरासत में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। पूछताछ में उसकी पहचान नटराज मोहन कंचन (62) के रूप में हुई है। वह नवी मुंबई, महाराष्ट्र का रहने वाला है। तलाशी लेने पर उसके बैग से 100 रुपये के 96 नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद भलस्वा डेयरी थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (नॉर्दर्न रेंज) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-1, एसीपी स्वरूप नगर और एसएचओ भलस्वा डेयरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पूछताछ के दौरान नटराज ने खुलासा किया कि वह मुंबई से दिल्ली आया था और पहाड़गंज के एक होटल में ठहरा हुआ है। पुलिस ने तुरंत होटल में छापा मारकर उसके कमरे से 100 रुपये के 180 नकली नोट और 500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद कर लिए। आगे की पूछताछ में उसने बताया कि उसने दिल्ली के मक्सूदपुर निवासी सुभाष चंद्र को नकली नोट उपलब्ध कराए थे, ताकि उन्हें राजधानी के अलग-अलग इलाकों में चलाया जा सके। पुलिस ने 30 जून को सुभाष चंद्र को गिरफ्तार कर उसके पास से 100 रुपये के 10 नकली नोट बरामद किए।

जांच यहीं नहीं रुकी। पुलिस टीम आरोपितों की निशानदेही पर मुंबई पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से नवी मुंबई स्थित ठिकाने पर छापा मारा। यहां से नकली नोट छापने की पूरी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने मौके से एचपी लैपटॉप, एप्सन प्रिंटर, जेब्रॉनिक्स लैमिनेशन मशीन, वाटरमार्क वाले विशेष कागज, 'भारत' और 'आरबीआई' अंकित पेपर, पेपर रोल, कटर तथा अन्य प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए, जिनका इस्तेमाल नकली नोट तैयार करने में किया जा रहा था।

तकनीकी जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 13 जुलाई को नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से विनोद मुन्नीलाल जायसवार (38) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वही इस गिरोह का तकनीकी मास्टरमाइंड था। वह विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से नकली नोटों के डिजिटल डिजाइन तैयार करता था और उनकी प्रिंटिंग की पूरी प्रक्रिया को संचालित करता था।

पुलिस के अनुसार, नटराज मोहन कंचन गिरोह का मुख्य सप्लायर और दिल्ली में नकली नोटों का वितरक था। वह पहले भी धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल रह चुका है। वहीं सुभाष चंद्र दिल्ली में नकली नोटों को रिसीव कर बाजार में चलाने का काम करता था।

बाहरी उत्तरी जिला पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली और महाराष्ट्र के बीच सक्रिय एक संगठित अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अब जब्त किए गए लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, नकली नोटों के पूरे नेटवर्क और अब तक बाजार में खपाए गए नोटों की जानकारी जुटाकर पूरे रैकेट को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी