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फर्जी नायब सूबेदार बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार, मिलिट्री इंटेलीजेंस की जांच में खुला राज

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फर्जी नायब सूबेदार बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार, मिलिट्री इंटेलीजेंस की जांच में खुला राज


कानपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। चकेरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां मिलिट्री इंटेलीजेंस की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए फर्जी सेना अधिकारी बनकर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले शातिर आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित लंबे समय से स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को फंसा रहा था और खुद को भारतीय सेना का नायब सूबेदार बताकर भरोसा जीतता था।

एडीसीपी ईस्ट अंजलि विश्वकर्मा ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह यादव है, जो गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के पिपरही गांव का रहने वाला है। मिलिट्री इंटेलीजेंस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति सेना का अफसर बनकर युवाओं से ठगी कर रहा है। जांच में जब उसका रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि वह सेना में किसी भी पद पर तैनात नहीं है। इसके बाद मिलिट्री इंटेलीजेंस ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त टीम ने शनिवार को चकेरी क्षेत्र में दिल्ली हाईवे स्थित नौबस्ता अंडरपास के पास से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी में उसके पास से सेना की वर्दी, नायब सूबेदार का फर्जी आईडी कार्ड, कैंटीन कार्ड, मोहरें और कई जाली दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने गांव और रिश्तेदारों के बीच भी खुद को असली फौजी के रूप में स्थापित कर रखा था। इतना ही नहीं, उसने कानपुर और गोरखपुर में फर्जी ऑफिस का माहौल भी बना रखा था, जिससे युवाओं को उस पर आसानी से भरोसा हो जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित सैकड़ों युवाओं को झांसा देकर ठगी कर चुका है। वह पहले फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये लेता था, इसके बाद नौकरी दिलाने के नाम पर छह से 10 लाख रुपये तक वसूलता था। आरोपित स्टेट लेवल का पहलवान है और सेना में भर्ती न हो पाने के बाद उसने यह रास्ता अपनाया।

पुलिस को उसके मोबाइल से कई तस्वीरें मिलीं, जिनमें वह वर्दी और आधुनिक हथियारों के साथ नजर आ रहा है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि ये तस्वीरें एआई तकनीक से तैयार की गई थीं। फर्जी आईडी के दम पर वह छावनी जैसे प्रतिबंधित इलाकों में भी प्रवेश कर लेता था, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो जाता था।

फिलहाल पुलिस आरोपित को जेल भेज चुकी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों व ठगी के शिकार युवाओं की सूची तैयार की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप