10 एकड़ वन भूमि पर कब्जे की कोशिश का खुलासा, फर्जी वन अधिकार पत्र मामले में पांच गिरफ्तार
बलरामपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के चलगली पुलिस ने करीब 10 एकड़ वन भूमि पर कब्जे की कोशिश और फर्जी वन अधिकार पत्र तैयार कर वितरण किए जाने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामला वन परिक्षेत्र बलरामपुर के मुरका बीट के कक्ष क्रमांक पी-3493 से जुड़ा है। प्रकरण में थाना चलगली में अपराध क्रमांक 57/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 336(3), 338 और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार 9 जुलाई 2026 को वन विभाग को सूचना मिली थी कि केरता निवासी शिवलाल मुरका बीट में झोपड़ी बनाकर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उससे भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे। शिवलाल ने अपने नाम पर 2 हेक्टेयर, पुत्र रामकुमार के नाम पर 0.80 हेक्टेयर और पत्नी रमपतिया के नाम पर 1.20 हेक्टेयर भूमि के वन अधिकार पत्र प्रस्तुत किए।
जांच में इन दस्तावेजों के फर्जी होने की आशंका सामने आई। पुलिस के मुताबिक शिवलाल ने पूछताछ में बताया कि उसने रामशकल उर्फ सकलू निवासी कोटरकी को 15 हजार रुपये देकर वर्ष 2025 में अपने, पत्नी और पुत्र के नाम पर यह वन अधिकार पत्र बनवाए थे। जांच के दौरान तीनों दस्तावेज जब्त किए गए। वन विभाग की ओर से कराई गई जांच में संबंधित वन अधिकार पत्र दायरा पंजी में दर्ज नहीं पाए गए और इन्हें कार्यालय से जारी किया जाना भी नहीं पाया गया।
पुलिस के अनुसार जांच में करीब 4 हेक्टेयर यानी 10 एकड़ वन भूमि से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके जरिए पट्टा बनाकर वितरण करने का मामला सामने आया। विवेचना के दौरान शंकरनाथ पाण्डेय और कुंजन रजक की भूमिका भी सामने आई। पुलिस का कहना है कि दोनों फर्जी पट्टे उपलब्ध कराते थे, जिन्हें आगे पैसा लेकर वितरित किया जाता था।
मामले में शिवलाल, रामकुमार, रामशकल, शंकरनाथ पाण्डेय और कुंजन रजक को आज शुक्रवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज, जब्ती और गवाहों के कथनों के आधार पर कार्रवाई की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

