जयपुर में नकली खाद की फैक्ट्री का भंडाफोड़: 40 टन खाद और एक हजार कट्टे जब्त
जयपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। किसानों के साथ धोखाधड़ी कर नकली खाद के नाम पर बड़ा खेल करने वाली फैक्ट्री का जयपुर पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया। जयपुर पश्चिम की जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने दौलतपुरा थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 40 टन नकली खाद, एक हजार से अधिक कट्टे, बारदाना, नकली खाद के परिवहन में इस्तेमाल ट्रक और अन्य सामान जब्त किया। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक सुनील शर्मा को गिरफ्तार किया है। मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में नमक, कंकर और पत्थर में रंग मिलाकर खाद तैयार की जा रही थी। इसके बाद अलग-अलग कंपनियों और ब्रांड के नाम वाले कट्टों में भरकर इसे खाद के रूप में बाजार में भेजा जा रहा था। पुलिस को नकली खाद की सप्लाई गुजरात, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों तक किए जाने की आशंका है।
जयपुर पश्चिम डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि डीएसटी वेस्ट को दौलतपुरा इलाके में नकली खाद तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद अतिरिक्त डीसीपी पश्चिम राजेश गुप्ता के सुपरविजन में डीएसटी वेस्ट प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व में टीम गठित कर फैक्ट्री पर दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली खाद और इसे तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री मिली। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री का संचालन दो पार्टनर द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर दूसरे साझेदार सहित अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगा रही है।
पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में तैयार नकली खाद को अलग-अलग कंपनियों और ब्रांड के नाम वाले कट्टों में भरा जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली खाद तैयार करने के लिए कौन-कौन सी सामग्री, रंग और मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तैयार माल किन कारोबारियों के माध्यम से दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता था।
इस मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ पुलिस नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और आगे की गिरफ्तारी के बाद ही नकली खाद के पूरे सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता चल सकेगा।
पुलिस के अनुसार ऐसी फैक्ट्रियों में तैयार नकली खाद को आमतौर पर उन दूर-दराज के इलाकों में भेजे जाने की आशंका रहती है, जहां खाद की किल्लत रहती है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फैक्ट्री से अब तक कितनी मात्रा में नकली खाद बाहर भेजी गई और किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई हुई।
जयपुर में नकली खाद के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले हरमाड़ा थाना क्षेत्र में कृषि विभाग ने 29 और 30 मई को सीकर रोड स्थित एक परिसर पर छापा मारकर नकली जैविक खाद बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी थी। वहां नमक में रंग मिलाकर उसे म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) के नाम पर बेचे जाने का मामला सामने आया था। कृषि विभाग की शिकायत पर हरमाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

