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फर्जी ई-रवन्ना प्रकरण में खनन विभाग पर सवाल, 20 दिन बाद भी वास्तविक ट्रक का पता नहीं

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फर्जी ई-रवन्ना प्रकरण में खनन विभाग पर सवाल, 20 दिन बाद भी वास्तविक ट्रक का पता नहीं


जयपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी जयपुर में फर्जी ई-रवन्ना प्रकरण को लेकर खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में 20 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद विभाग अब तक वास्तविक ट्रक का पता नहीं लगा पाया है। वहीं, खनन विभाग ने ओवरलोड चालानों की जानकारी के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा है, जबकि चालान स्वयं खनन विभाग द्वारा जारी किए गए थे।

प्रकरण में आरोप है कि फर्जी ई-रवन्ना के माध्यम से अवैध खनन कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई गई, लेकिन अब तक खान मालिक और ट्रक मालिक के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। इससे पहले भी कोटपूतली क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि आरजे 32 जीए 9868 नंबर का ट्रक दांतली गोनेर निवासी छोटूराम मीणा के नाम पर दर्ज है। ट्रक मालिक का कहना है कि उनका वाहन कभी जयपुर शहर से बाहर नहीं गया, इसके बावजूद उनके नाम पर 9 ओवरलोड चालान जारी कर दिए गए। परिवहन विभाग द्वारा 19 फरवरी को नोटिस जारी किया गया, जो 24 फरवरी को उन्हें प्राप्त हुआ।

जांच में सामने आया है कि कोटपूतली के दूदावास क्षेत्र में आवंटित खान से संबंधित ई-रवन्ना इस वाहन के नाम पर जारी किया गया, जबकि वाहन वहां मौजूद ही नहीं था। आरोप है कि डीएमगोम्स पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी पास तैयार किया गया, जिससे न केवल राजस्व हानि हुई बल्कि वाहन मालिक पर अनावश्यक कानूनी जिम्मेदारी भी आ गई। पीड़ित ट्रक मालिक छोटूराम मीणा ने आरोप लगाया कि खान मालिक और खनन विभाग के अधिकारी उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से उनका ट्रक खड़ा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस मामले में सहायक खनिज अभियंता कोटपूतली अमीचंद दुहारिया ने बताया कि अब तक उस ट्रक का पता नहीं चल पाया है, जो ओवरलोड माल लेकर गया था। खान मालिक और कांटा संचालक से भी जानकारी नहीं मिल सकी है। फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है और चालान संबंधी जानकारी के लिए परिवहन विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं सुपरिंटेंडेंट माइनिंग इंजीनियर जयपुर प्रताप मीणा ने कहा कि फर्जी ई-रवन्ना प्रकरण की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश