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नकली नोट छापने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपित गिरफ्तार

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नकली नोट छापने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपित गिरफ्तार


कानपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। रेलबाजार क्षेत्र में नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अपराध शाखा और रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो लाख चार हजार छह सौ पचास रुपये के नकली नोट, प्रिंटर और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ है।

अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) संकल्प शर्मा ने गुरुवार को बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अपराध शाखा की स्वाट टीम और रेलबाजार पुलिस ने रामलीला ग्राउंड के पास कार्रवाई की। यहां से तीनों आरोपितों को पकड़ा गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि गिरोह करीब तीन से चार महीने से नकली नोट तैयार कर उन्हें कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में चला रहा था।

पूछताछ में सामने आया कि प्रिंटर की मदद से 500, 100 और 50 रुपये के नकली नोट तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन्हें छोटी-छोटी रकम के रूप में बाजार में चलाया जाता था। आरोपितों ने बताया कि वे ग्राहकों को असली रकम के मुकाबले एक के तीन के हिसाब से नकली नोट देते थे। एक व्यक्ति या स्थान पर दोबारा नोट नहीं चलाते थे, जिससे उनकी गतिविधि पर शक न हो।

पुलिस ने बरामदगी में 100 रुपये के 1991, 50 रुपये के 71 और 500 रुपये के चार नकली नोट शामिल बताए हैं। इसके अलावा एक प्रिंटर, कैंची, दो पेपर कटर, दो स्केल, चार खाली और पांच भरी हुई स्याही की बोतल व डिब्बियां, एक रिम पेपर, कुछ कपड़े, ट्रॉली बैग और अन्य सहयोगी उपकरण बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार नकली नोट तैयार करने का काम किराये के कमरे में किया जा रहा था। पुलिस को पूछताछ में नकली नोट बनाने की तकनीक सिखाने वाले व्यक्ति और विशेष कागज उपलब्ध कराने वालों के बारे में भी जानकारी मिली है। इनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरोह के कुछ सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह ने अब तक कितनी नकली करेंसी तैयार कर बाजार में खपाई है।

गिरफ्तार आरोपितों में उन्नाव के बांगरमऊ निवासी शेर सिंह, मूलगंज चौराहा निवासी रोशन अली और जालौन के उरई क्षेत्र के गडर बिनौरा निवासी सोमिल गुप्ता शामिल हैं। शेर सिंह वर्तमान में चकेरी क्षेत्र के संजू पुलिया के पास रह रहा था। पुलिस के मुताबिक शेर सिंह पांचवीं तक पढ़ा है और नकली नोट तैयार करने में मुख्य भूमिका निभा रहा था।

पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनके खिलाफ पहले से करीब 15 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक मामले शामिल हैं। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और नकली नोटों को खपाने वाले अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप