home page

फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मोहसिन को दो साल की सजा

 | 
फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मोहसिन को दो साल की सजा


शाजापुर, 25 सितंबर (हि.स.)। फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखकर पोस्ट करने और हिंदू देवी-देवताओं तथा महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में अदालत ने ज्योति नगर निवासी मोहसिन को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मध्‍य प्रदेश के शाजापुर जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपित को भारतीय दंड संहिता की धारा 153 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। इसके अलावा धारा 505 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई है। फैसला आने के बाद आरोपी को शाजापुर जिला जेल भेज दिया गया।

जिला अभियोजन अधिकारी महेंद्र परमार के अनुसार, इस मामले की शिकायत 16 फरवरी 2019 को रोहित राठौर ने शाजापुर कोतवाली में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी की फेसबुक आईडी पर एक ऐसी पोस्ट दिखाई दी, जिसमें ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा था। पोस्ट में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था।

शिकायत मिलने के बाद शाजापुर कोतवाली पुलिस ने ज्योति नगर निवासी मोहसिन पिता मुबारिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 और 505 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित साक्ष्य जुटाए और जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित सामग्री रखी। अभियोजन की ओर से बताया गया कि फेसबुक पर की गई टिप्पणियां और पोस्ट ऐसी प्रकृति की थीं, जिनसे अलग-अलग समुदायों के बीच वैमनस्य और नफरत बढ़ने की स्थिति पैदा हो सकती थी।

न्यायालय ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी माना। अदालत ने धारा 153 के अपराध में मोहसिन को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं धारा 505 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया।

फैसले में सोशल मीडिया पोस्ट की सामग्री का भी उल्लेख किया गया है। इसमें महिलाओं के प्रति कथित तौर पर नफरत और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में अपमानजनक सामग्री का जिक्र किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि इस तरह की सामग्री विभिन्न समुदायों के बीच नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देने वाली थी।

अदालत के फैसले के बाद आरोपी को सजा भुगतने के लिए शाजापुर जिला जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस द्वारा वर्ष 2019 में दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुई न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।

हिन्दुस्थान समाचार / मंगल नाहर