बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर धन उगाही, दो गिरफ्तार
बलरामपुर 25 मई (हि.स.)। बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि 23 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर कार्यालय से डाक के जरिए एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ। इसमें आवेदक पहलवारा निवासी कामता ने आरोप लगाया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के रिक्त पदों के लिए उनका चयन दक्षता परीक्षण के लिए हुआ था। 27 अप्रैल को दक्षता परीक्षण सम्पन्न होने के बाद पिछले एक सप्ताह से उन्हें लगातार फोन कर नियुक्ति सुनिश्चित कराने और नियुक्ति पत्र जारी कराने के नाम पर रुपये की मांग की जा रही थी।
प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली देहात, बलरामपुर में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि कोतवाली देहात पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान प्रकाश में आए अभियुक्त जितेन्द्र यादव पुत्र किरन कुमार यादव, निवासी ग्राम रजडेरवा, थाना पचपेड़वा और आयुष सिंह निवासी थाना वजीरगंज, लखनऊ को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को न्यायालय भेज दिया है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे एक्स सर्विसमैन संस्था, लखनऊ में कार्यरत हैं। उक्त संस्था को बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए आधिकारिक रूप से जेम पोर्टल के माध्यम से नियुक्त किया गया था। जनपद बलरामपुर में अभ्यर्थियों के चयन एवं सत्यापन कार्य के लिए संस्था ने उन्हें नियुक्त किया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि वे साक्षात्कार के चयनित अभ्यर्थियों के सत्यापन का कार्य कर रहे थे। इसी सत्यापन की आड़ में उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को फोन कर चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर धन की मांग की। इसी क्रम में अमित गुप्ता और जान्हवी नामक अभ्यर्थियों ने जितेन्द्र यादव को ऑनलाइन माध्यम से 20-20 हजार रुपये का भुगतान भी किया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन

