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फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

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फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश


डूंगरपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश में चलाए जा रहे ऑपरेशन म्यूल हंट के तहत डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक किआ सेल्टोस कार को जब्त कर उसमें सवार दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्त पिछले 3-4 वर्षों से इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे और मध्य प्रदेश के सागर जिले से फर्जी सिम कार्ड व बैंक खाते मंगवाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) के निर्देशानुसार साइबर थाना डूंगरपुर की ओर से संदिग्ध बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड का कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पूंजपुर में नाकाबंदी की गई। आसपुर-डूंगरपुर रोड पर नाकाबंदी देखकर किआ सेल्टोस के चालक ने कार को रिवर्स लेकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा कर कार को घेर लिया। कार में सवार भावेश पाटीदार (26) और मुकेश पाटीदार (25), निवासी पचलासा बड़ा को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित मध्य प्रदेश के सागर से अन्य व्यक्तियों के माध्यम से प्रति सिम कार्ड 900 से 1,000 रुपये में मंगवाते थे। इन सिम कार्ड को एक्टिवेट कर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों से ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान किआ सेल्टोस कार, 40 पैकशुदा एक्टिवेटेड सिम कार्ड, चार एंड्रॉइड मोबाइल, पांच विभिन्न व्यक्तियों के नाम के एटीएम/डेबिट कार्ड, चार अभियुक्तों के निजी कार्ड, 40,680 रुपये की संदिग्ध नकद राशि, पैन कार्ड, बैंक चेकबुक एवं पासबुक जब्त की हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य साथियों और मध्य प्रदेश में सक्रिय मुख्य नेटवर्क के संबंध में जांच कर रही है। आरोपितों के खिलाफ साइबर ठगी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष