गोल्ड निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 1.24 करोड़ की ठगी, अभिनंदन ज्वेलर्स के संचालक समेत चार गिरफ्तार
नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गोल्ड निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अभिनंदन ज्वेलर्स से जुड़े चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में कंपनी के संचालक मुकेश वर्मा, उनकी पत्नी, बेटा रिदम वर्मा और ओम प्रकाश वर्मा शामिल हैं। चारों आरोपित लंबे समय से फरार चल रहे थे और रोहिणी कोर्ट ने उन्हें 9 अप्रैल 2026 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने सोने में निवेश करने पर तय अवधि के बाद निश्चित मुनाफा और सोने की डिलीवरी का झांसा देकर 26 से अधिक लोगों से करीब 1.24 करोड़ रुपये की ठगी की।
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित वर्मा ने मंगलवार काे बताया कि इस संबंध में ईओडब्ल्यू थाने में 20 मई 2025 को एफआईआर संख्या 65/25 दर्ज की गई थी। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(4), 61(2) तथा अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम, 2019 की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता से 17.20 लाख रुपये की ठगी
मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता रोहित ठुकराल की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनंदन ज्वेलर्स के निदेशक मुकेश वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें सोने में निवेश करने पर आकर्षक मुनाफे का लालच दिया। रोहित ने 14.70 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से और 2.50 लाख रुपये नकद आरोपितों को दिए। आरोपितों ने तय समय के बाद सोना देने या निवेश की रकम के साथ अतिरिक्त लाभ लौटाने का वादा किया था। जांच के दौरान 25 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी सामने आईं, जिन्हें इस मामले में शामिल किया गया। पुलिस जांच में पता चला कि सभी निवेशकों से कुल करीब 1.24 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
मार्च 2025 में दुकान बंद कर फरार हो गए आरोपित
जांच में सामने आया कि मार्च 2025 में आरोपितों ने अचानक अपना कारोबार बंद कर दिया और अपने ज्ञात ठिकानों से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने न तो निवेशकों को उनका पैसा लौटाया और न ही सोने की डिलीवरी की। ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि मुकेश वर्मा अभिनंदन ज्वेलर्स का संचालन कर रहा था और निवेशकों से रकम जुटाने में उसकी मुख्य भूमिका थी। जांच में उसकी पत्नी, पुत्र रिदम वर्मा और ओम प्रकाश वर्मा की भी सक्रिय भूमिका सामने आई है।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस के बार-बार नोटिस भेजने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बावजूद आरोपित जांच में शामिल नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 84 के तहत कार्रवाई की गई। लगातार गैरहाजिर रहने पर रोहिणी कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 9 अप्रैल 2026 को चारों आरोपितों को भगोड़ा घोषित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया जानकारी और फील्ड जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपितों का पता लगाकर 13 जून 2026 को गोवा के कैंडोलिम इलाके से चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपितों को मापुसा, गोवा की अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उन्हें दिल्ली लाया गया। फिलहाल उन्हें रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया है।
आरोपितों की प्रोफाइल
मुकेश वर्मा (53 वर्ष) अभिमंदन ज्वेलर्स का संचालक और कथित मास्टरमाइंड। मुकेश वर्मा की पत्नी (52) निवेशकों से रकम जुटाने और संचालन में भूमिका थी। वहीं बेटा रिदम वर्मा (25) और ओम प्रकाश वर्मा परिवार का सदस्य है निवेशकों के धन के प्रबंधन और ट्रांसफर में भूमिका की जांच जारी। पुलिस अब निवेशकों के धन के इस्तेमाल, संभावित संपत्तियों और रकम के अन्य लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

