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जबलपुर : वन विभाग के क्लर्क के घर ईओडब्ल्यू का छापा, आय से 290% अधिक संपत्ति का खुलासा

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जबलपुर : वन विभाग के क्लर्क के घर ईओडब्ल्यू का छापा, आय से 290% अधिक संपत्ति का खुलासा


जबलपुर, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के

जबलपुर में ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार सुबह वन विभाग में पदस्थ क्लर्क श्वेतांक चौरसिया के घर छापेमारी की। 14 सदस्यीय टीम ने तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये की दुकान, 5 लाख रुपये नकद, 3 से 4 किलो चांदी, 150 से 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन चार पहिया वाहन मिलने की जानकारी जुटाई है।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और संपत्ति से जुड़े अन्य खुलासे भी हो सकते हैं। आय से 290 प्रतिशत अधिक संपत्ति ईओडब्ल्यू की जांच में श्वेतांक चौरसिया के पास उनकी वैधानिक आय की तुलना में करीब 290 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। उनकी वैधानिक आय करीब 55 से 60 लाख रुपये आंकी गई है। तलाशी में सामने आई संपत्तियों और अन्य वित्तीय जानकारी के आधार पर यह अंतर करीब 400 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

टीम चार बैंक खातों, बैंक लॉकर, एफडी और बीमा पॉलिसियों की भी जांच कर रही है।

संपत्तियों और खातों में जमा रकम के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को पता चला कि श्वेतांक चौरसिया को करीब 20 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आरोप है कि नौकरी के दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की।

भुगतान की जांच

तलाशी में एक भवन के अलावा करीब 50 लाख रुपये की दुकान खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, दुकान के सौदे में 45 से 50 लाख रुपये तक नकद भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। ईओडब्ल्यूअब इस लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और रकम के स्रोत की जांच कर रही है।

साथ ही रजिस्ट्री में संपत्ति का मूल्य वास्तविक कीमत से कम दर्शाए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

तलाशी के दौरान श्वेतांक चौरसिया के नाम पर तीन फोर-व्हीलर वाहनों की जानकारी मिली है। इसके अलावा चार बैंक खाते, लॉकर, एफडी और बीमा पॉलिसियों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं। इन सभी में जमा रकम और निवेश के स्रोत की जांच की जा रही है।

ईओडब्ल्यू को श्वेतांक चौरसिया की पत्नी के ब्यूटी पार्लर के संचालन की जानकारी भी मिली है। अधिकारियों के अनुसार, इस कारोबार की जानकारी कथित तौर पर शासन को नहीं दी गई थी। तलाशी के दौरान ब्यूटी पार्लर से संबंधित आयकर रिटर्न, नगर निगम या एमएसएमई पंजीयन से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने की बात सामने आई है।

ईओडब्ल्यू की टीम संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खाते, लॉकर, एफडी, बीमा पॉलिसियां, वाहनों और परिवार की आय के स्रोत से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी और दस्तावेजों के अंतिम मूल्यांकन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चौरसिया के पास कुल कितनी संपत्ति है और उसमें से कितनी उनकी वैधानिक आय के अनुरूप है।

छापेमारी के दौरान दो die स्वर्णजीत सिंह धामी और मंजीत सिंह, तीन इंस्पेक्टर, तीन हवलदार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर मेडिकल टीम, दो राजपत्रित गवाह और सुरक्षा बल भी तैनात रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक