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पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह के ठिकानों से अपराध की आय छिपाने से जुड़े दस्तावेज मिलने का ईडी ने किया दावा

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पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह के ठिकानों से अपराध की आय छिपाने से जुड़े दस्तावेज मिलने का ईडी ने किया दावा


झांसी, 10 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के संबंध में प्रेस नोट जारी कर दावा किया है कि तलाशी के दौरान अपराध की आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को छिपाने से संबंधित दस्तावेज, संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड और कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

गौरतलब है कि बुधवार तड़के ईडी की इलाहाबाद उप-क्षेत्रीय इकाई ने केंद्रीय सुरक्षा बल की मौजूदगी में झांसी, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य स्थानों पर कुल 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। झांसी में पूर्व विधायक के मून सिटी स्थित आवास सहित उनके भाई बबलू अन्ना तथा करीबी सहयोगियों के परिसरों की करीब 18 घंटे तक गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और विभिन्न कंपनियों से संबंधित अभिलेख जब्त किए गए।

ईडी के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। एजेंसी ने बताया कि जांच उत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता विभाग द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर शुरू की गई, जिसमें आरोप है कि दीपनारायण सिंह यादव ने जांच अवधि के दौरान अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक लगभग 23.02 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की।

प्रेस नोट में ईडी ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व विधायक के खिलाफ झांसी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए गए हैं, जिनमें से कई पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आते हैं।

एजेंसी का दावा है कि जांच में कंपनियों का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया, जिसमें कुछ कथित फर्जी कंपनियां केवल कागजों पर संचालित होती मिलीं। इनके माध्यम से कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन को वैध निवेश के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया। तलाशी के दौरान अंतर-कंपनी लेनदेन, तृतीय पक्ष समझौते, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, परिवार के सदस्यों एवं सहयोगियों के नाम पर दर्ज विलासितापूर्ण और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

वहीं पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि उन्हें ईडी की जांच पर पूरा विश्वास है। उनका कहना है कि उन्होंने जांच एजेंसी को मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें केवल परेशान किया जा रहा है और उन्होंने कोई भी अवैध अथवा अपराध से अर्जित संपत्ति नहीं बनाई। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मुकदमों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें कई मामलों में उनका नाम नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईडी निष्पक्ष जांच कर सत्य सामने लाएगी।

फिलहाल ईडी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है तथा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया