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जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार


नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में उप्र के बरेली से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित प्रतिष्ठित विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करते थे।

पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने जापान में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 1.63 लाख रुपये ठग लिए। आरोपित खुद को भर्ती सलाहकार और जापान की नामी कंपनियों के अधिकारी बताकर संपर्क करते थे। इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को पूर्वी जिला साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत ई-एफआईआर संख्या 140/25 दर्ज की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम के लेनदेन की पड़ताल की। जांच में पता चला कि पीड़िता से ठगी गई रकम कई बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी। मनी ट्रेल के विश्लेषण के दौरान बरेली निवासी 22 वर्षीय कुश भटनागर के खाते में 1.27 लाख रुपये पहुंचने का पता चला। वहीं, सह-आरोपित 23 वर्षीय अमित के खाते में 14,850 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस टीम ने बरेली में छापेमारी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि दोनों देशभर के नौकरी तलाशने वालों को निशाना बनाने वाले संगठित साइबर गिरोह के सदस्य हैं।

आरोपित नौकरी पोर्टलों से युवाओं का डाटा जुटाकर जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों, जैसे टोयोटा और निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन के नाम से फर्जी ई-मेल भेजते थे। इसके बाद फर्जी इंटरव्यू आयोजित कर वीजा, दस्तावेज सत्यापन, दूतावास मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी भर्ती से जुड़े ई-मेल खातों की जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी और भर्ती एजेंसी की सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी