दवा कारोबारी हत्याकांड: एनकाउंटर में दो हत्यारे व सुपारी देने वाली बहू भी गिरफ्तार
कानपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कारोबारी की हत्या उसकी बहू शालू ने नौकर विशाल को छह लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूछताछ में बहू की भूमिका सामने आई। पुलिस ने सोमवार को आरोपित बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट का है। शनिवार रात विनीत अपने फ्लैट में अकेले थे। उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और पोता बाहर गए थे। देर रात जब दोनों लौटे तो बेडरूम में विनीत का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो अपार्टमेंट के सीसीटीवी में विशाल और राजकिशोर की आवाजाही सामने आई।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने साेमवार काे बताया कि शालू ने हत्या को दिल का दौरा दिखाने की योजना बनाई थी। उसने विशाल से सोते समय तकिये से मुंह दबाने को कहा था, लेकिन विनीत की नजर कमरे में छिपे दोनों आरोपितों पर पड़ गई। इसके बाद दोनों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। पोस्टमार्टम में शरीर पर चाकू के 26 घाव मिले हैं।
जांच में सामने आया कि शालू और विशाल के बीच हत्या वाले दिन लगातार संपर्क था। दोनों के बीच उस दिन 14 बार फोन पर बातचीत हुई। पुलिस के मुताबिक एक जुलाई से घटना वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 35 से 40 बार बातचीत हुई थी। वारदात से पहले शालू ने विशाल को संदेश भेजकर बताया था कि घर खाली है।
अपार्टमेंट के सुरक्षा प्रभारी मदन ने पुलिस को बताया कि विशाल अपने साथी के साथ फ्लैट में जाने की अनुमति मांग रहा था। उसने मना किया तो विशाल ने शालू से फोन पर बात कराई। शालू ने दोनों को अंदर आने देने के लिए कहा था और बताया था कि वे दवाएं लेकर आए हैं। इसके बाद शालू अपने पति और बच्चे के साथ बाहर चली गई।
पुलिस के अनुसार शालू का ससुर से देर रात पार्टी में जाने और खर्च को लेकर विवाद होता था। पूछताछ में उसने बताया कि 28 जुलाई को पार्टी से देर से लौटने पर विनीत ने उसे डांटा था। इसी के बाद उसने हत्या की योजना बनाई। चार सितंबर को भी उसने विशाल को सामान देने के बहाने घर बुलाया था, जहां हत्या की योजना पर बातचीत हुई।
विशाल करीब 12 साल से परिवार के संपर्क में था। वह पहले विनीत की बिरहाना रोड स्थित दवा की दुकान पर काम करता था। वर्ष 2022 में चोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह सुब्रत के कहने पर छोटे-मोटे कामों के लिए घर आता-जाता रहा।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपितों ने घर से कोई सामान नहीं चुराया। इससे पुलिस को शुरुआत से ही शक था कि वारदात का मकसद सिर्फ हत्या करना था। सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा प्रभारी के बयान के बाद जांच शालू की ओर बढ़ी। पूछताछ में पुलिस को उसके खिलाफ कई अहम सुराग मिले।
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर दवा की थोक फर्म चलाते थे और बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। पुलिस के मुताबिक उनकी फर्म का सालाना कारोबार करीब 50 से 60 करोड़ रुपये था। वह रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे।
पुलिस ने कारोबारी की हत्या के साथ ही अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच शुरू कर दी है। परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद आरोपित फ्लैट तक पहुंच गए। पुलिस अब सुरक्षा व्यवस्था और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

