home page

छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार

 | 
छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार


छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार


छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार


छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार


छग : अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश, दिल्ली के मास्टरमाइंड सहित छह आरोपित गिरफ्तार


रायपुर, 31 मार्च (हि.स.)। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू), एएनटीएफ और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को अंतर्राज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए, 8 नग पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, एक स्प्लेंडर बाइक और ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल किया गया कुरियर बॉक्स जब्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपितों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 146/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साईबर) स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, राजधानी रायपुर में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इस पूरे सिंडिकेट का संचालन दिल्ली में बैठे मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा कर रहे थे, जो पहले भी वर्ष 2024 में खम्हारडीह थाना क्षेत्र में ड्रग्स मामले में जेल जा चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ कि, आरोपित ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ का इस्तेमाल कर रहे थे। इस तरीके में ड्रग्स को सीधे हाथों-हाथ देने के बजाय सुनसान जगहों पर रख दिया जाता था और उसकी लोकेशन व वीडियो ग्राहकों को भेजी जाती थी। इससे पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि, दिल्ली से ड्रग्स को कोरियर के जरिए रायपुर भेजा जाता था। यहां कुणाल मंगतानी ड्रग्स रिसीव करता था। इसके बाद रैपिडो राइडरों के माध्यम से सुनसान स्थानों पर ड्रग्स रखवाकर लोकेशन शेयर की जाती थी। ड्रग्स की पेमेंट के लिए आरोपितों द्वारा अलग-अलग बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था।

एसीसीयू को सूचना मिली थी कि, शहर में रैपिडो राइडरों के जरिए एमडीएमए की सप्लाई हो रही है। इस पर पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में टीम गठित की गई। 29 मार्च 2026 को तेलीबांधा क्षेत्र के काशीराम नगर के पास पुलिस ने तीन रैपिडो राइडर—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव को पकड़ लिया। पूछताछ में इनके पास से मिली जानकारी के आधार पर कुणाल मंगतानी को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और पंचशील विहार से मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा को हिरासत में लेकर रायपुर लाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी की गई। पूछताछ में मास्टरमाइंड आरोपितों ने खुलासा किया है कि वे नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदते थे। पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपितों में कुणाल मंगतानी निवासी तेलीबांधा रायपुर, सौरभ डोंगरे टिकरापारा रायपुर, शुभम राठौर टिकरापारा रायपुर, सौरभ यादव खमतराई रायपुर, महेश सिंह खड़का निवासी पंचशील विहार दिल्ली, कुसुम हिन्दुजा निवासी खम्हारडीह रायपुर का नाम शामिल है।

ड्रग्स सिंडिकेट में आरोपितों की भूमिंका -

महेश खड़का एवं कुसुम हिन्दुजा - मास्टर माइंड एवं डिलिवरी नेटवर्क के प्रबंधन, कुणाल मंगतानी - कोरियर से ड्रग्स रिसीव करने वाला, सौरभ यादव, शुभम राठौर एवं सौरभ डोंगरे - ड्रग्स को ग्राहकों तक पहुंचाने वाले रैपिडो राईडर है।

आरोपितों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 146/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने युवाओं से अपील की है कि, वह स्वयं को इन खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स के सेवन व प्रसारण से बचे और इस तरह की गतिविधियों की जानकारी पुलिस से साझा करें।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर