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25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर नेटड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार

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25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर नेटड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार


जयपुर, 26 जून (हि.स.)। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लगातार पांचवें दिन बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी और पिछले एक वर्ष से फरार ड्रग तस्कर सुनील झांझड़ा (26) को जोधपुर के नेटड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है। आरोपी राज्य के टॉप ड्रग तस्करों में शामिल था। इसके साथ ही एएनटीएफ ने अपने अभियान के दौरान अब तक 69वें इनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

एडीजी एएनटीएफ के निर्देशन तथा आईजी एएनटीएफ विकास कुमार की निगरानी में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मदशंभूक' के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी सुनील झांझड़ा निवासी कजनाऊ पालड़ी, थाना खेड़ापा, जिला जोधपुर है। हनुमानगढ़ पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने बीए तक पढ़ाई करने के बाद रोजगार की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने जोधपुर-नागौर हाईवे पर एक होटल शुरू किया। होटल से अपेक्षित आमदनी नहीं होने पर उसकी मुलाकात पंजाब के एक ट्रक चालक से हुई, जिसने अधिक कमाई के लिए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता बताया। इसके बाद आरोपी ने होटल की आड़ में ट्रक चालकों को मादक पदार्थ बेचने का कारोबार शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसके संपर्क पंजाब के तस्करों से हो गए और उसने राजस्थान से पंजाब तक मादक पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क तैयार कर लिया।

जांच में सामने आया कि आरोपी अपने होटल कर्मचारियों के माध्यम से भी पंजाब तक मादक पदार्थों की खेप पहुंचवाता था। इसी दौरान हनुमानगढ़ पुलिस ने एक खेप पकड़ी, जिसकी जांच में सुनील झांझड़ा का नाम सामने आया। पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने होटल पहुंची तो वह फरार हो चुका था और पिछले एक वर्ष से लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था। एएनटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात नंबर की स्कॉर्पियो से अपने परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने जोधपुर जा रहा है। सूचना के आधार पर एक टीम ने उसका पीछा किया, जबकि दूसरी टीम ने नेटड़ा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही आरोपी की गाड़ी टोल प्लाजा पहुंची, दोनों टीमों ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले स्वयं को मामले से अनजान बताते हुए किसी भी मुकदमे की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने एनडीपीएस एक्ट के मामले में पिछले एक वर्ष से फरार होने की बात स्वीकार कर ली। एएनटीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके नेटवर्क और अन्य तस्करों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश