दवा कारोबारी विनीत मीनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत की साजिश का खुलासा, बहू शालू की भूमिका नहीं मिली
कानपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने घटना के 19 दिन बाद गुरुवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विनीत की हत्या की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके बेटे सुब्रत मिनोचा ने रची थी। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अपने पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के जरिए पिता की हत्या कराई और वारदात को स्वाभाविक मौत का रूप देने की योजना बनाई थी। मामले में गिरफ्तार आरोपितों की पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुब्रत की भूमिका सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। बेटे सुब्रत मिनोचा काे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पांच सितंबर की रात कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा काराेबारी विनीत मीनोचा की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि वारदात से पहले विशाल गौतम और राजकिशोर फ्लैट के भीतर पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक, विशाल साल 2010 से 2022 तक विनीत की दुकान पर काम कर चुका था। दुकान में चोरी की घटना सामने आने के बाद विनीत ने उसे नौकरी से निकाल दिया था, लेकिन इसके बाद भी विशाल सुब्रत के संपर्क में बना रहा। पुलिस का कहना है कि इसी संपर्क के जरिए हत्या की साजिश को अंजाम देने की योजना बनी।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि योजना विनीत की हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने की साजिश रची गई, ताकि मौत स्वाभाविक लगे। इसके लिए फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई। घटना वाले दिन विशाल और राजकिशोर पहले से फ्लैट में छिपकर विनीत के लौटने का इंतजार कर रहे थे। उनके आने के बाद कमरे की लाइट जलने से दोनों सामने आ गए। विनीत ने शोर मचाया तो घबराए विशाल ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद तकिये से दम घोंटने की पहले से बनाई गई योजना को अंजाम देने की जरूरत नहीं पड़ी।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, पोस्टमार्टम में विनीत के शरीर पर 17 चोट और घाव के निशान मिले थे। घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। इसके अलावा सुब्रत और विशाल की लोकेशन कई बार एक ही स्थान पर मिली। डुप्लीकेट चाबी बनवाने के दौरान दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने की जानकारी भी जांच में सामने आई। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद दोनों ने व्हाट्सएप चैट भी डिलीट कर दी थी। जांच के दौरान फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी और घटना के समय राजकिशोर द्वारा पहने गए रक्तरंजित कपड़े भी बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बदले विशाल को करीब छह लाख रुपये देने का सौदा हुआ था। उसे कुछ रकम पहले और बाकी बाद में देने की बात सामने आई है। घटना वाले दिन सुब्रत ने विशाल को कई बार फोन किया था। पुलिस का दावा है कि विशाल को नया सिम भी उपलब्ध कराया गया, ताकि सीधे तौर पर उसकी पहचान और संपर्क का पता न चल सके। हत्या के बाद भी दोनों के बीच बातचीत होने के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं।
जांच में बैटे सुब्रत की आर्थिक स्थिति भी पुलिस की पड़ताल का अहम हिस्सा बनी। पुलिस के अनुसार, उस पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था और अलग-अलग ऋण की करीब 55 हजार रुपये मासिक किस्त जाती थी। उसे घर से करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। पुलिस का दावा है कि महंगे शौक, शराब, जुआ और सट्टे के चलते उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती गई। आरोप है कि पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए वह विशाल की मदद से अपनी ही दुकान से सामान भी चोरी करवाता था।
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता के दूसरी महिलाओं से संबंध होने की बात भी बताई। पुलिस के मुताबिक, उसे आशंका थी कि यदि पिता विनीत किसी महिला से शादी करते हैं तो परिवार की संपत्ति में नया दावेदार सामने आ सकता है। इसी आशंका और आर्थिक दबाव को हत्या की साजिश की वजहों में शामिल बताया गया है।
मामले में शुरुआत में विशाल ने शालू मिनोचा का नाम लिया था। इसी आधार पर पुलिस ने शालू समेत आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में आमने-सामने बैठाकर भी सवाल किए। पुलिस के अनुसार, विस्तृत पूछताछ और सामने आए डिजिटल व वैज्ञानिक साक्ष्यों में शालू की संलिप्तता की पुष्टि करने वाला ठोस साक्ष्य नहीं मिला। विशाल ने भी बाद में पुलिस को बताया कि सुब्रत के कहने पर उसने हत्या की थी और पकड़े जाने पर शालू का नाम लेने के लिए कहा गया था।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सुब्रत से 40 से अधिक सवाल पूछे और पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई। पूछताछ में वह लगातार हत्या में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा, लेकिन पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका स्पष्ट होती गई। इसके बाद सुब्रत को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपित मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

