दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो नाबालिग लड़कियों को किया बरामद, परिजनों से मिलाया
नई दिल्ली, 22 मार्च (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने दो अलग-अलग मामलों में लापता/अपहृत नाबालिग लड़कियों को बरामद कर उन्हें उनके परिजनों से मिला दिया। दोनों मामलों में पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार के अनुसार, पहला मामला कंझावला थाना क्षेत्र का है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग लड़की 26 दिसंबर 2023 से लापता थी। इस संबंध में आईपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएचटीयू की टीम ने जांच शुरू की। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में एएसआई अजय कुमार झा और महिला हेड कांस्टेबल मोनिका की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय सूचना के आधार पर लड़की को शिव विहार इलाके से बरामद किया।
पूछताछ में पता चला कि लड़की अपने दृष्टिहीन माता-पिता से विवाद के बाद घर छोड़कर अलवर (राजस्थान) चली गई थी और हाल ही में दिल्ली लौटी थी। फिलहाल उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कंझावला थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
दूसरा मामला भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र का है, जहां एक अन्य नाबालिग लड़की 28 जनवरी 2024 से लापता थी। इस मामले में भी आईपीसी की धारा 363 के तहत केस दर्ज किया गया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने लगातार प्रयास करते हुए तकनीकी और मैनुअल जांच के आधार पर लड़की को संत नगर के मुख्य बाजार से बरामद किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि लड़की बिना बताए घर से वृंदावन चली गई थी, जहां वह एक आश्रम में रह रही थी। बाद में वह दिल्ली लौटी और बालिग होने के बाद उसने शादी कर ली। पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर भलस्वा डेयरी थाना पुलिस को सौंप दिया है।
पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

