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पूर्वी दिल्ली में ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 1.10 करोड़ की ड्रग बरामद

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पूर्वी दिल्ली में ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 1.10 करोड़ की ड्रग बरामद


नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। पूर्वी जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। जिले की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड (एएनएस) की टीम ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की कोकीन और एमडीएमए बरामद की है। पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल दो स्कूटी भी जब्त की है, जिनमें से एक चोरी की पाई गई।

पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार काे बताया कि गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान गीता कॉलोनी निवासाी मोहम्मद हसन (23), मंडावली निवासी रजिया और दो विदेशी नागरिक डायोफ सोलोमन उर्फ ऑस्कर (सेनेगल) व बेमाह (लाइबेरिया) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक ये सभी एक संगठित गिरोह के रूप में राजधानी में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार 25 मार्च को एएनएस टीम को सूचना मिली कि मोहम्मद हसन प्रीत विहार इलाके में एमडीएमए की सप्लाई करने आने वाला है। इसके बाद चितरा विहार झुग्गी रेड लाइट के पास जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में उसके पास से 7.58 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह यह ड्रग्स एक अफ्रीकी नागरिक ‘ऑस्कर’ से लेता है। इसके बाद पुलिस ने 27-28 मार्च की मध्य रात श्रीनिवासपुरी के पास ट्रैप लगाकर ऑस्कर को दबोच लिया। उसके पास से एमडीएमए बरामद हुआ और उसकी स्कूटी चोरी की निकली। जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अमृतपुरी स्थित ठिकाने पर छापा मारकर उसके साथी बेमाह को भी गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान 120.18 ग्राम कोकीन, 15.71 ग्राम एमडीएमए, इलेक्ट्रॉनिक पैकिंग मशीन, तराजू, पॉलिथिन पैकेट, नकदी, मोबाइल फोन और पासपोर्ट बरामद किए गए।

महिला तस्कर भी गिरफ्तार

पूछताछ में मोहम्मद हसन ने बताया कि वह ड्रग्स रजिया को सप्लाई करता था, जो आगे इसे ऊंचे दामों पर बेचती थी। इसके बाद 29 मार्च को मंडावली स्थित उसके घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया गया। वहां से भी एमडीएमए, नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपित आर्थिक लाभ के लिए इस अवैध धंधे में शामिल हुए थे। मोहम्मद हसन पहले खुद नशा करता था और बाद में सप्लायर बन गया। गिरोह शहरी इलाकों में युवाओं को निशाना बनाकर ऊंचे दामों पर ड्रग्स बेचता था।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी