कोलकाता में ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का खुलासा, एक और आरोपित गिरफ्तार
कोलकाता, 18 मार्च (हि. स.)। कोलकाता पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जा रही संगठित साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। अवैध सिम बॉक्स सिस्टम के जरिए फर्जी कॉल रूटिंग और पहचान छिपाकर ठगी करने वाले इस गिरोह की गतिविधियों का खुलासा जांच के दौरान हुआ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीन करोड़ रुपये की ठगी के मामले में अर्पण सिकदर नामक युवक को मंगलवार रात उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। आरोपित ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि उसने अपनी प्रेमिका के व्यक्तिगत दस्तावेज और ब्रॉडबैंड कनेक्शन का उपयोग कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। उसके ठिकाने से एक सक्रिय सिम बॉक्स भी बरामद किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसी मामले में दो अन्य आरोपितो को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनसे पूछताछ के दौरान ही अर्पण सिकदर की संलिप्तता के संबंध में अहम जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में ठगों ने एक दंपति को फोन कर खुद को कूरियर सेवा का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने दंपति को यह कहकर भ्रमित किया कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में अवैध मादक पदार्थ पाए गए हैं। इसके बाद आरोपितो ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के फर्जी अधिकारी बनकर संपर्क किया।
आरोप है कि दंपति को डरा-धमकाकर 14 दिनों तक वीडियो कॉल के माध्यम से कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और इस दौरान उनसे किस्तों में कुल तीन करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कराए गए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना की टीम ने जांच के क्रम में पहले फरवरी माह में उत्तर कोलकाता में छापेमारी कर सिम बॉक्स और कई सिम कार्ड बरामद किए थे। ताजा कार्रवाई में आरोपित के पास से छह चालू सिम बॉक्स, 130 सक्रिय बीएसएनएल सिम कार्ड, तीन मोबाइल फोन तथा चार राउटर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
पुलिस इस मामले में क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन, सिम आपूर्ति श्रृंखला तथा कूरियर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। साथ ही, इस गिरोह के तार देश के विभिन्न हिस्सों में हुई समान साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

