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देवास: दुष्कर्म मामले में कार्रवाई में देरी से आहत बेटे का आत्मघाती कदम, गांव में उबाल, सड़क जाम

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देवास: दुष्कर्म मामले में कार्रवाई में देरी से आहत बेटे का आत्मघाती कदम, गांव में उबाल, सड़क जाम


देवास, 21 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र के भीकूपुरा गांव में घटी एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में समय पर कार्रवाई न होने से व्यथित उसके 19 वर्षीय बेटे ने कीटनाशक पी लिया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए बागली अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शनिवार को पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर भीकूपुरा में शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया।

परिजनों के अनुसार, गांव की एक महिला के साथ गांव के ही एक आरोपित ने दुष्कर्म किया था। शुक्रवार रात वे उदयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां महिला पुलिस अधिकारी नहीं होने का हवाला देकर उन्हें सुबह आने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम के बाद मानसिक रूप से आहत 19 वर्षीय बेटे ने गांव आकर कीटनाशक पी लिया। स्वजन उसे लेकर बागली के सरकारी अस्पताल के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। वहीं, पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बार-बार बयान बदलने के कारण कार्रवाई प्रभावित हुई। मामले में एफआईआर दर्ज न होने के कारणों की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, हालात हुए तनावपूर्ण

शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जब युवक का शव गांव लाया गया, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुछ लोगों ने आरोपी की झोपड़ी में आग लगा दी, मकान में तोड़फोड़ की और पुलिस वाहन पर पथराव भी किया। दोपहर साढ़े बारह बजे तक हालात सामान्य नहीं हो सके थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर एएसपी यातायात हरनारायण बाथम, बागली एसडीओपी संजय सिंह बैस, उदयनगर थाना टीआइ सीएल रायकवार सहित पुलिस बल तैनात है। लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी गांव से फरार है और इस तरह के मामलों में देरी से पीड़ित परिवार का दर्द और बढ़ जाता है।

बागली एसडीओपी संजय सिंह बैस ने बताया कि एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारणों की जानकारी ली जा रही। प्रथमदृष्टया यह सामने आया है कि पीड़िता द्वारा बार-बार बयान बदलने के कारण त्वरित कार्रवाई प्रभावित हुई। लोगों को समझाइश देकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे