देवरिया : सीएचसी रुद्रपुर में गुड़िया की हत्या का पर्दाफाश, ननद समेत छह गिरफ्तार
देवरिया, 27 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर स्थित सरकारी आवास में महिला गुड़िया की हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार काे पर्दाफाश कर दिया है। शादी में कम दहेज मिलने और पारिवारिक विवाद के चलते हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में मृतका की ननद व स्टाफ नर्स पूर्णिमा, पति चमनलाल विश्वकर्मा समेत छह आरोपिताें को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने पत्रकारों को बताया किया कि 25 अक्टूबर की रात करीब 12:55 बजे डॉयल 112 के माध्यम से सीएचसी रुद्रपुर में तैनात स्टॉफ नर्स पूर्णिमा ने सूचना दी कि उसके सरकारी आवास में उसकी भाभी गुड़िया मृत अवस्था में पड़ी है। पुलिस ने माैके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
इस बीच मृतका की मां लालती देवी की तहरीर पर पुलिस ने महिला के पति चमनलाल विश्वकर्मा, ननद पूर्णिमा के अलावा परिवार में अभिमन्यु विश्वकर्मा, उर्मिला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की छानबीन के लिए क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर राजेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में छह पुलिस टीमों का गठन किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर हत्या और आपराधिक साजिश की धाराएं भी बढ़ाई गईं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुड़िया अपनी ननद पूर्णिमा के साथ सरकारी आवास में रहती थी। शादी में कम दहेज मिलने और पारिवारिक अनबन के कारण उसकी हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि ससुरालियों ने सत्यप्रकाश यादव के माध्यम से रामआशीष यादव और नरेश को 13 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। इसमें ढाई लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे, जबकि काम पूरा होने के बाद 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने की बात तय हुई थी।
पुलिस के अनुसार, 24 और 25 अक्टूबर की मध्यरात्रि रामआशीष और उसका साथी नरेश सीएचसी परिसर पहुंचे। वहां पूर्णिमा लेबर रूम के पीछे उनसे मिली और उन्हें अपने सरकारी आवास का रास्ता दिखाया। इसके बाद वह नीचे लेटकर निगरानी करने लगी। आरोप है कि रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच दोनों ने गुड़िया का रस्सी से गला कस दिया और उसके सिर पर हथौड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद वे फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि घटना को लूट का रूप देने के लिए कमरे और आवास में सामान बिखेर दिया गया तथा आभूषण लूटे जाने की सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैमरेज और शॉक बताया गया है।
पुलिस ने 26 अक्टूबर को पूर्णिमा के सरकारी आवास से चमनलाल, अभिमन्यु, उर्मिला और पूर्णिमा सहित पांच आरोपिताें को गिरफ्तार किया था। छठे आरोपित रामआशीष यादव निवासी छपरा, थाना गगहा, गोरखपुर को 27 अक्टूबर को अवस्थी चौराहे के पास पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ रुद्रपुर थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, वह गगहा थाने में दर्ज हत्या के एक पुराने मुकदमे का आरोपी भी है और फिलहाल जमानत पर था।
पुलिस ने मौके से रक्तरंजित हथौड़ी, खून लगी काले-सफेद रंग की प्लास्टिक रस्सी, 315 बोर का अवैध तमंचा, दो खोखे, एक जिंदा कारतूस और यूपी 52 सीजे 5223 नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपिताें को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार देवरिया भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

