कोरबा : पांच लाख रुपये पीएफ निकालने के बदले मांगी रिश्वत, एसईसीएल का क्लर्क सीबीआई के हत्थे चढ़ा
फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये, कुसमुंडा में कार्रवाई से मचा हड़कंप
कोरबा, 10 मई (हि. स.)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के सीएमपीएफ विभाग में पदस्थ एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपित क्लर्क मनोहर लाल कौशिक पर एक खदान कर्मी से 5 लाख रुपये का पीएफ निकालने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, एसईसीएल कुसमुंडा में कार्यरत एक खदान कर्मी अपने पीएफ खाते से करीब 5 लाख रुपये निकालना चाहता था। इसके लिए उसने सीएमपीएफ विभाग में पदस्थ क्लर्क मनोहर लाल कौशिक से संपर्क किया। आरोप है कि क्लर्क ने फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर कर्मचारी को कई दिनों तक चक्कर लगवाए और काम करने के बदले रिश्वत की मांग की।
लगातार हो रही परेशानी से तंग आकर खदान कर्मी ने भिलाई स्थित सीबीआई कार्यालय में इसकी शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने जांच के बाद कार्रवाई की योजना बनाई और एक टीम को कुसमुंडा भेजा।
बताया जा रहा है कि, रविवार होने के कारण कार्यालय बंद था। ऐसे में आरोपित क्लर्क ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर किसी अन्य स्थान पर बुलाया था। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद सीबीआई की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
सीबीआई के अधिकारियों ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद एसईसीएल समेत अन्य विभागों में भी हड़कंप की स्थिति है।
खदान कर्मियों ने सीबीआई की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि, पीएफ निकासी जैसे मामलों में लंबे समय से देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

