पप्पू यादव के आवास पर हंगामे में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें सरकारी काम करने से रोकने की कोशिश की गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला रविवार को उस समय सामने आया, जब दो युवक पप्पू यादव के आवास में प्रवेश कर गए और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा शुरू हो गया। आरोप है कि एक युवक ने पप्पू यादव की ओर चप्पल फेंकी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों और दोनों युवकों के बीच हाथापाई हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को सरकारी कार्य करने से रोकना), धारा 121(1) (सरकारी कार्य से रोकने के उद्देश्य से लोक सेवक को चोट पहुंचाना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 3(5) (समान आशय) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सुमित को हिरासत में लिया है। घटना के वक्त उसके नशे में होने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि एफआईआर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्य के निर्वहन से रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। जांच के तहत पुलिस आवास और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी किस उद्देश्य से सांसद के आवास पहुंचे थे और हंगामे के पीछे उनका मकसद क्या था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के दावों और सुरक्षा कर्मियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

