पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का मांस पकाने का मामला, मैनेजर-कुक समेत छह कर्मचारी गिरफ्तार
बिलासपुर, 28 मार्च (हि.स.)। बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का मांस पकाने के मामले में वन विभाग की टीम ने शनिवार को कड़ी कार्रवाई की है। टीम ने रिसार्ट के मैनेजर-कुक समेत छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले के कोटा क्षेत्र अंतर्गत बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट में हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण के शिकार के बाद उसका मांस पकाने की सूचना पर अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने छापेमारी करते हुए किचन में पहुंची। जहां हिरण के मांस को पकाया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। इसके साथ ही रिसार्ट के मैनेजर कुक समेत छह कर्मचारियों को मौके से गिरफ्तार किया है।
टीम ने रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह, कुक रामकुमार टोप्पो, रमेश यादव, संजय वर्मा सहित दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है और पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। वहीं कुक रामकुमार ने कहा कि, उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। आरोपितों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

