नशामुक्ति केंद्र में पुत्र की हत्या के छह माह बाद वृद्ध ने दी जान
बांदा, 29 अक्टूबर (हि.स.)।
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर बाईपास स्थित नशा मुक्ति केंद्र में गुरुवार को अवसादग्रस्त 65 वर्षीय वृद्ध ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह करीब तीन माह से केंद्र में भर्ती था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के मुताबिक, छह माह पहले वृद्ध के बेटे की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में था। परिजनों का दावा है कि उसे भी जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इसी आशंका के चलते उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
प्रयागराज के मुठ्ठीगंज निवासी वैभव शर्मा ने बताया कि उनके 65 वर्षीय ताऊ ज्ञान बाबू शर्मा पंडिताई करते और नशे के आदी थे। करीब तीन माह पहले उन्हें महोखर बाईपास स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। बुधवार दोपहर वह बाथरूम में गए, जहां उन्होंने प्लास्टिक के पाइप में जनेऊ के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी।
काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं निकलने पर केंद्र में मौजूद लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। किसी तरह दरवाजा खोलकर लोग अंदर पहुंचे तो ज्ञान बाबू फंदे पर लटके मिले। आनन-फानन में उन्हें नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी पहुंच गए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
वैभव शर्मा के मुताबिक, छह माह पहले ज्ञान बाबू के बेटे सक्षम पांडा की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से वह गहरे सदमे में थे और उनका नशे की ओर झुकाव बढ़ गया था। वैभव का कहना है कि बेटे की हत्या के बाद ज्ञान बाबू को भी जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं। उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजनों ने उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। बेटे की मौत और जान के खतरे की आशंका के चलते वह अवसाद से ग्रसित थे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गुरुवार को हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी अंजू शर्मा समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

