दतिया में सनसनीखेज हत्याकांड: 11 महीने तक बक्से में बंद रहा पिता का शव, 40 हजार के विवाद में बेटे ने की थी हत्या
दतिया, 1 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला हत्याकांड सामने आया है। बड़ौनी थाना क्षेत्र के छता गांव में एक बेटे ने कथित तौर पर अपने पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर शव को करीब 11 महीने तक घर के अंदर रखे लोहे के बक्से में छिपाए रखा। आरोपी परिवार और ग्रामीणों को लगातार यह कहता रहा कि उसके पिता मजदूरी करने मुंबई गए हैं। आखिरकार गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने मृतक के बेटे नितिन बुंदेला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेंद्र बुंदेला को गिरफ्तार किया है। दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल ने बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पूरे मामले की जानकारी दी।
11 महीने बाद दर्ज हुई गुमशुदगी, बेटे पर जताया था शक
पुलिस के अनुसार 28 जून 2026 को शिवराज सिंह बुंदेला ने अपने भाई 45 वर्षीय उदयभान सिंह बुंदेला के करीब 11 महीने से लापता होने की शिकायत बड़ौनी थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने शुरुआत से ही भतीजे नितिन पर संदेह जताया था।
जांच के दौरान नितिन ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2025 में ट्रैक्टर का कल्टीवेटर ठीक करते समय हादसा हो गया था, जिसमें उसके पिता की मौत हो गई। डर के कारण उसने शव को बक्से में छिपा दिया और बाद में ताऊ की मदद से नदी में फेंक दिया।
एफएसएल जांच में खुली झूठी कहानी
पुलिस ने घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया और एफएसएल टीम की मदद से पूरी घटना का रीक्रिएशन किया गया। जांच में सामने आया कि जिस तरह का हादसा नितिन बता रहा था, उसमें कल्टीवेटर के फाल से इस तरह चोट लगना संभव नहीं था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जब दोबारा सख्ती से पूछताछ की तो नितिन ने हत्या की बात कबूल कर ली।
40 हजार रुपये के विवाद में पिता की हत्या
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिता ने ट्रैक्टर की किस्त और खेती के काम के लिए उसे 40 हजार रुपये दिए थे। लेकिन उसने यह रकम शराब और जुए में खर्च कर दी। पैसे वापस मांगने को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद होने लगा।
आरोप है कि अगस्त 2025 की रात जब उदयभान घर के बाहर खाट पर सो रहे थे, तभी नितिन ने कमरे से कुल्हाड़ी निकालकर उनके सिर पर कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बक्से में छिपाया शव, गांव में फैलाता रहा झूठ
हत्या के बाद नितिन ने शव को कपड़े में लपेटकर लोहे के बक्से में बंद कर दिया और कमरे में ताला लगा दिया। इसके बाद वह रिश्तेदारों के यहां चला गया। गांव लौटने के बाद वह लोगों से कहता रहा कि उसके पिता मुंबई मजदूरी करने गए हैं।
करीब छह महीने तक यह राज छिपा रहा। बाद में जब शव पूरी तरह गल गया और सिर्फ हड्डियां बचीं तो आरोपी ने अपने ताऊ को पूरी घटना बताई।
नदी किनारे फेंके शव के अवशेष
पुलिस के अनुसार नितिन और उसके ताऊ ने रात के समय शव के अवशेष कथरी में लपेटकर सामली (सोमला) नदी की पुलिया के पास फेंक दिए थे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी से मानव अस्थियां, मृतक के कपड़े और अन्य अवशेष बरामद किए हैं। इसके अलावा घर से वह बक्सा भी जब्त किया गया है, जिसमें शव रखा गया था।
ताऊ से विवाद के बाद खुला मामला
बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद नितिन और उसके ताऊ के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान ताऊ ने परिवार के सामने हत्या का राज खोल दिया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और जांच हत्या तक पहुंच गई।
पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे जारी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

