दमोह: हाईकोर्ट से नगर पालिका अध्यक्ष मंजू राय को राहत नहीं, कारण बताओ नोटिस के खिलाफ याचिका खारिज
दमोह, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की दमोह नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर चल रहा मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। नगर पालिका अध्यक्ष मंजू राय को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से राहत नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार, नियमों के विपरीत निर्णय लेने और परिषद का मनमाने ढंग से संचालन किए जाने को लेकर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष विजय जैन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल तथा लोकायुक्त में शिकायत की थी। शिकायतों के आधार पर विभाग ने जांच कराई। जांच समिति के प्रतिवेदन के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष मंजू राय को मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
नोटिस में नगर पालिका परिषद की बैठकों के आयोजन, कार्यवाही पुस्तिका के संधारण, विभिन्न निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति तथा भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं सहित कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
शासन की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए अध्यक्ष मंजू राय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में रिट याचिका दायर की थी। याचिका में प्रारंभिक जांच के दौरान सुनवाई का अवसर नहीं दिए जाने सहित अन्य आधारों पर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस स्तर पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। न्यायालय के रुख के अनुसार, कारण बताओ नोटिस के स्तर पर संबंधित पक्ष को पहले अपना जवाब शासन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब नगर पालिका अध्यक्ष को शासन के नोटिस का जवाब देना होगा। प्रस्तुत जवाब, दस्तावेजों और जांच समिति के प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद नगरीय प्रशासन विभाग आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल शिकायतों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। इस मामले में शासन की आगामी कार्रवाई और अध्यक्ष की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

