दमोह में 12.70 लाख की लूट का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, 8.50 लाख का माल बरामद
दमोह, 12 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जिले के नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र में हुई 12.70 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
रविवार की शाम पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा तथा धारदार कटर सहित लगभग 8.50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की है। मामले में शामिल चार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 जुलाई 2026 की रात थाना दमोह देहात अंतर्गत नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र के ग्राम सुखी पिपरिया निवासी विजय जैन के घर चार से अधिक बदमाश हथियारों से लैस होकर पहुंचे थे। देर रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी सहित लगभग 12.70 लाख रुपये की संपत्ति लूट ली थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। इसके साथ ही जिले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शंकर यादव और राहुल अहिरवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा तथा धारदार कटर बरामद किया। बरामद संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 8 लाख 50 हजार रुपये बताया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शंकर यादव पिता रघुवीर यादव निवासी दमोह तथा राहुल अहिरवार पिता नन्हे भाई अहिरवार निवासी दमोह के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस वारदात में शामिल अन्य चार फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले के खुलासे में थाना दमोह देहात, नरसिंहगढ़ चौकी, साइबर सेल तथा एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष जांच दल ने लगातार कई दिनों तक मेहनत कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर इस गंभीर वारदात का सफल खुलासा किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

