दमोह: कार चढ़ाकर हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
दमोह, 29 सितंबर (हि.स.)। कार चढ़ाकर हत्या करने के मामले में मध्य प्रदेश के दमोह की पंचम अपर सत्र अदालत ने मंगलवार को पिता-पुत्र को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। फैसला पंचम अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार वर्मा की अदालत ने सुनाया।
मामले में अभियुक्त अब्दुल अकील खान पुत्र नसीर खान, (35) और नसीर खान पुत्र अब्दुल रज्जाक, (59), दोनों निवासी अजमेरी हाल के पास, बजरिया वार्ड क्रमांक-4, हजारी की तलैया, थाना कोतवाली, जिला दमोह को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषी माना गया।
अभियोजन के अनुसार घटना 11 जुलाई 2025 की शाम करीब 6:30 बजे अजमेरी गार्डन तिगड्डा, दमोह के पास हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक नसीर खान के इशारा करने के तत्काल बाद अब्दुल अकील खान ने सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार तेज गति से चलाते हुए रक्के उर्फ राकेश रैकवार के ऊपर चढ़ा दी।
अभियोजन के अनुसार कार की चपेट में आने के बाद राकेश को करीब 80 फुट तक घसीटा गया। हादसे में उसे गंभीर आंतरिक और बाहरी चोटें आईं। उपचार के दौरान राकेश की मौत हो गई।
घटना के संबंध में फरियादिया खिलौनाबाई की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली दमोह में अपराध क्रमांक 520/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी रिकॉर्ड पर रखा गया। अभियोजन के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी माना।
अदालत ने अब्दुल अकील खान और नसीर खान को बीएनएस की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में सहायक निदेशक अभियोजन धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या और एडीपीओ एन.पी. पटेल, दमोह ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। सहायक विनय नामदेव ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

