डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से दौसा सेंट्रल जेल भेजा
अजमेर, 14 जुलाई (हि.स.)। डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से उसके भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार सुबह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से दौसा सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। सुबह अतिरिक्त पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे दौसा के लिए रवाना किया गया। पप्पू की सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीण लगातार जेल बदलने की मांग कर रहे थे।
जेल मुख्यालय की ओर से सोमवार को पप्पू गुर्जर के तबादले के आदेश जारी किए गए थे। आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने जिला पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की। मंगलवार सुबह अतिरिक्त जाप्ता उपलब्ध होने के बाद शिफ्टिंग की कार्रवाई पूरी की गई।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशों की पालना करते हुए पप्पू गुर्जर को सुरक्षित तरीके से दौसा सेंट्रल जेल भेजा गया।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही परिजन और डांग क्षेत्र के ग्रामीण पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे और उसे दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। जगन हत्याकांड के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी थीं।
मांगें पूरी नहीं होने पर 12 जुलाई को जगन की बारहवीं के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। बढ़ते तनाव को देखते हुए धौलपुर जिला प्रशासन ने देर रात प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक ने गजपुरा चौराहे पर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों पर सहमति बनाई। इसके बाद बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया और ग्रामीण शांत होकर अपने गांव लौट गए।
इस बीच 4 जुलाई को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की अचानक तबीयत भी बिगड़ गई थी।
खाना खाने के बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद जेल चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार किया। देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच उसे अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने कथित रूप से तौलिए से गला दबाकर डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी थी। इसके बाद 1 जुलाई को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव में जगन का अंतिम संस्कार किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

