अशोकनगरः साइबर अपराधियों की ठगी का नया तरीका, व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड खोलते ही हैक हो रहा मोबाइल
अशोकनगर,02 जून (हि.स.)। डिजिटल युग में साइबर अपराधियों ने ठगी और हैकिंग का एक नया और बेहद संवेदनशील तरीका ढूंढ निकाला है। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में शादी-ब्याह के सीजन का फायदा उठाकर शातिर हैकर्स अब डिजिटल वेडिंग कार्ड (शादी का निमंत्रण पत्र) के नाम पर लोगों के मोबाइल फोन को अपना निशाना बना रहे हैं।
ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति का पूरा मोबाइल फोन महज एक व्हाट्सएप मैसेज खोलने से हैक हो गया। पीडि़त ने इस संबंध में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन देकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिचित के नंबर से आया था संदेश:जानकारी के अनुसार, नईसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अमरोद सिंगराना के निवासी कृष्णपाल सिंह रघुवंशी (पिता माधव सिंह रघुवंशी) ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा। पीडि़त कृष्णपाल सिंह ने बताया कि वे जियो कंपनी का मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते हैं, जिस पर उनका व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय है। गत 27 मई को उनके के व्हाट्सएप पर उनके ही एक परिचित सौरभ नामदेव के मोबाइल नंबर से एक मैसेज आया। इस मैसेज में एक शादी का कार्ड भेजा गया था। चूंकि मैसेज किसी अनजान नंबर से नहीं बल्कि एक जाने-पहचाने मित्र के नंबर से आया था, इसलिए कृष्णपाल को किसी भी तरह का कोई संदेह नहीं हुआ।
कार्ड खोलते ही हैक हुआ फोन, खुद-ब-खुद फॉरवर्ड होने लगे मैसेज:पीडि़त के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने उत्सुकतावश उस कथित शादी के कार्ड की फाइल या लिंक को खोला, वैसे ही उनका पूरा मोबाइल फोन अजीब हरकतें करने लगा और पूरी तरह से हैक हो गया। कृष्णपाल ने तुरंत समझदारी और तत्परता दिखाते हुए अपने मोबाइल को बंद कर दिया, जिससे उनके व्यक्तिगत डेटा या बैंक खातों से जुड़ी कोई और बड़ी अप्रिय घटना होने से बच गई।
परंतु, जब तक फोन बंद किया जाता, तब तक हैकर्स का वायरस अपना काम कर चुका था। पीडि़त के व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़े सभी कांटेक्ट लिस्ट के लोगों को वही शादी के कार्ड वाला खतरनाक मैसेज अपने आप फॉरवर्ड हो गया। इसके परिणामस्वरूप, पीडि़त के व्हाट्सएप ग्रुप और संपर्क में जुड़े अन्य कई लोगों के मोबाइल नंबर भी हैक होने की जानकारी सामने आ रही है।
कड़ी से कड़ी जोडक़र जाल फैला रहे हैं हैकर्स:जब कृष्णपाल सिंह ने अपने परिचित सौरभ नामदेव से इस बारे में संपर्क किया और पूछा कि उन्होंने ऐसा वायरस वाला कार्ड क्यों भेजा, तो सौरभ ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। सौरभ ने बताया कि उनका खुद का मोबाइल भी इसी तरह से पहले ही हैक हो चुका है। सौरभ नामदेव इस धोखाधड़ी के संबंध में पहले ही गुना थाने में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। स्पष्ट है कि हैकर्स एक फोन हैक करके उसके संपर्कों को निशाना बना रहे हैं ताकि लोग भरोसे में आकर लिंक पर क्लिक कर दें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृष्णपाल सिंह रघुवंशी ने पुलिस से इस नेटवर्क को तोडऩे और उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

