डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वालों को खाता उपलब्ध करवाने वाले दो गिरफ्तार
नोएडा, 04 मई (हि.स.)। डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह से जुडे़ दो आरोपितों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने बीती रात को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपित अपना खाता ठगों को देते थे जिसमें ठगी की राशि को ट्रांसफर किया जाता था। इसके लिए दोनों को अच्छी रकम भी मिलती थी। आरोपितों के मोबाइल बरामद करके पुलिस जरूरी साक्ष्य जुटाने में लगी है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि अलग-अलग शिकायतों के आधार पर टीम जांच कर रही थी। जिसके दौरान टीम ने पंजाब के लुधियाना के भावेश गुप्ता और हर्षित कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों की आयु 21 वर्ष है। भावेश इंटरमीडिएट पास है और वह एक कंपनी में नौकरी करता है। हर्षित बीए का छात्र है और डिलीवरी ब्वाय का काम भी करता है। रुपये कमाने के चक्कर में दोनों साइबर ठगों के संपर्क में आ गए। साइबर ठग लोगों को डिजिटल अरेस्ट करते थे और उनसे ऐंठी जाने वाली राशि को ट्रांसफर करने के लिए दोनों आरोपितों का अकाउंट इस्तेमाल होता था।
उन्होंने बताया कि एक दो नहीं बल्कि कई मामलों में आरोपितों ने अपना खाता साइबर ठगों को दिया था। जिसके लिए उन्हें कमीशन मिलता था। ठग स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसी तरह के एक मामले में आरोपितों ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराए थे जिसमें उन्होंने करीब सात लाख रुपये निकाले। इस मामले में पीड़ित एफसीआई से सेवानिवृत्त नोएडा के निवासी थे। आरोपितों को लगभग साढ़े चार लाख रुपयों का कमीशन मिला था।
आरोपितों के पास से बरामद हुए मोबाइल से मिले विवरण से पुलिस को पता चला कि उनके खाते का उपयोग अलग-अलग राज्यों से की गई ठगी में प्रयुक्त हुआ है। इसमें तेलंगाना में दो और आंध्र प्रदेश में एक शिकायत दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी इनका गिराेह ठगी कर चुका है। साइबर ठगोंं के साथ दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में आए
थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

