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साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो और हवाला से खपाने वाला गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार

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साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो और हवाला से खपाने वाला गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार


जयपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। वैशाली नगर थाना पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन जुए से प्राप्त रकम को हवाला और क्रिप्टो करेंसी के जरिए ठिकाने लगाकर सफेद धन में बदलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य सरगना विकास ढाका को गिरफ्तार किया है। आरोपी सीकर जिले के बासनी का रहने वाला है और करीब 20 दिन पहले अपने नेटवर्क का विस्तार करने जयपुर आया था। पुलिस के अनुसार उसका दुबई के हवाला नेटवर्क से गठजोड़ है। आरोपी के कब्जे से 9 मोबाइल, 8 डेबिट कार्ड और गूगल पे स्कैनर रोल बरामद किए गए हैं।

प्रोबेशनर आईपीएस अदिति उपाध्याय ने बताया कि वैशाली नगर की नेमीसागर कॉलोनी स्थित चड्ढा अपार्टमेंट के एक फ्लैट में साइबर ठगी और ऑनलाइन जुए की रकम को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से हासिल कर नकदी में बदलने की सूचना मिली थी। इस पर वैशाली नगर थानाधिकारी अरविंद सिंह और डीएसटी पश्चिम प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन कर फ्लैट पर दबिश दी गई। यहां से विकास ढाका को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने राजस्थान के अलग-अलग जिलों में अपना नेटवर्क फैला रखा था। जयपुर आने का उसका मकसद यहां सिंडिकेट को मजबूत करना, नए म्यूल बैंक खाते हासिल करना और मर्चेंट नेटवर्क का विस्तार करना था।

पुलिस के अनुसार आरोपी जैसलमेर और सीकर के रिसोर्ट व रेस्टोरेंट में काम करने वाले कम पढ़े-लिखे मजदूरों को रुपए का लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर निजी बैंकों और ऑनलाइन भुगतान बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद उन खातों से जुड़े मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करवाकर साइबर ठगों और ऑनलाइन जुआ संचालित करने वाले गिरोहों को मोटे कमीशन पर उपलब्ध कराए जाते थे। इन खातों में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी की रकम जमा करवाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खातों में जमा रकम को नकद और ऑनलाइन माध्यम से निकालकर यूएसडीटी और टेथर जैसी क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता था। इसके बाद दुबई से संचालित हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए रकम को ठिकाने लगाकर भारतीय बाजार में खपाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खुद के तीन बैंक खातों और उसके जरिए खुलवाए गए अन्य बैंक खातों में करीब 24 करोड़ रुपए की क्रिप्टो करेंसी का लेन-देन सामने आया है। जिन लोगों के नाम से खाते खुलवाए गए, उनमें जैसलमेर के दो मजदूर भी शामिल हैं। पुलिस अन्य खाताधारकों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस आरोपी से बरामद नौ मोबाइल की फॉरेंसिक जांच करवा रही है। इनमें सक्रिय क्रिप्टो वॉलेट, डिजिटल कुंजी, टेलीग्राम चैट और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य एजेंटों, हवाला कारोबारियों, विदेशी संपर्कों और ऑनलाइन जुआ नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश